रायपुर
कभी भिक्षाटन और दिहाड़ी मजदूरी से जीवन यापन करने वाली श्रीमती रनिया बाई के परिवार के लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता था। कोरिया जिला के बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाला यह परिवार कच्ची झोपड़ी में मौसम की मार झेलते हुए जीवन गुजार रहा था। पति अवतार साय के साथ रनिया बाई को जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अकुशल श्रम में रोजगार मिलने लगा, तब कुछ राहत मिली, लेकिन स्थायी आवास का सपना अब भी दूर था।
परिस्थितियां तब बदलीं जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी पहल पर संचालित ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ के अंतर्गत उन्हें पक्के मकान के लिए सहायता स्वीकृत हुई। ग्राम पंचायत के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने नया पक्का घर बनाया। अब उनके पास सुरक्षित आवास और शौचालय की सुविधा है। रनिया बाई बताती हैं कि बरसात की रातें अब चिंता में नहीं, सुकून में गुजरती हैं। बच्चों के भविष्य को लेकर भी मन में विश्वास जागा है। सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि अंत्योदय राशन कार्ड से नियमित खाद्यान्न और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा ने उनके जीवन को स्थिरता दी है। साथ ही राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ भी मिल रहा है।
शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिलने से एक निराश्रित परिवार की जिंदगी में आशा, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय जुड़ गया है।
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