भिंड/इटावा/ग्वालियर,
मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण NH-719 (ग्वालियर-भिण्ड-इटावा) अब जल्द ही फोर लेन हाईवे में तब्दील होगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम लगभग पूरा कर लिया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जिम्मेदारी मिलने के बाद NHAI अब अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है.
इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 117 किलोमीटर रहेगी. मौजूदा हालत में इस 2 लेन रोड पर अत्यधिक यातायात दबाव रहता है. इसके चलते इसे फोर लेन बनाया जाएगा. इसमें बायपास निर्माण और ब्लैक स्पॉट्स का खात्मा हो जाएगा. वर्तमान में हर दिन तकरीबन 20 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं.
परियोजना के चरण: कब क्या होगा?
भविष्य के ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा पहलुओं का अध्ययन पूरा होने वाला है.
DPR के बाद आवश्यक स्वीकृतियां मिलते ही भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू होगी.
सभी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होते ही आगामी कुछ महीनों में टेंडर अवार्ड कर काम शुरू कर दिया जाएगा.
फोर लेन बनने के 5 बड़े फायदे
शहरों में प्रस्तावित बायपास के कारण भारी वाहनों को शहर के अंदर नहीं घुसना पड़ेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी.
मार्ग पर मौजूद 'ब्लैक स्पॉट्स' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को समाप्त किया जाएगा. क्रैश बैरियर और आधुनिक रोड मार्किंग से यात्रा सुरक्षित होगी.
फोर लेन होने से वाहनों की गति बढ़ेगी, जिससे ग्वालियर से इटावा के बीच यात्रा समय में भारी गिरावट आएगी.
बेहतर कनेक्टिविटी से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, कृषि परिवहन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
एमपी और यूपी के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और परिवहन लागत में कमी आएगी.
कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई
NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, यह परियोजना ग्वालियर-चंबल संभाग के समग्र विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा चुका है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई देरी न हो.
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