नक्सलवाद पर सरकार का अंतिम वार! अमित शाह ने बताई भारत को मुक्त करने की तारीख

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि सुरक्षा बल आंध्र प्रदेश के तिरुपति से नेपाल के पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगे। शाह ने कटक जिले के मुंडाली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि सीआईएसएफ प्रमुख प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करके देश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा, 'आज, मैं राष्ट्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाएगा। हमारी सेनाएं तिरुपति से पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगी।' शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा, 'हमारे सुरक्षा बल अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं और देश अब लाल विद्रोहियों का सफाया करने के कगार पर है।'

पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का एक इनामी नक्सली मारा गया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि मुठभेड़ बुधवार रात गीदम पुलिस थाना इलाके के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जब जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स का एक संयुक्त दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था।

उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सली की पहचान बीजापुर जिले के बुरजी गांव के निवासी राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सदस्य था। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। राय ने बताया कि सुरक्षाबलों को तीन मार्च को गीदम थाना क्षेत्र के गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के मध्य जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सली सामग्री और हथियार छिपाए जाने की जानकारी मिली थी।

ओडिशा ने बलांगीर, बरगढ़ को नक्सल-मुक्त घोषित किया
ओडिशा पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए राज्य के दो पश्चिमी जिलों बलांगीर और बरगढ़ को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया है। पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की कि बलांगीर और बरगढ़ जिले अब नक्सल-मुक्त हो गये हैं। यह घोषणा उस समय की गई जब बरगढ़ से सटे महासमुंद जिले के 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। बताया गया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद डिवीजन में सक्रिय थे। उनके मुख्यधारा में लौटने के साथ ही इन दोनों जिलों में नक्सली गतिविधियों के पूरी तरह समाप्त होने की पुष्टि की गई।

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