भोपाल.
भोपाल में PHQ के सामने गौमांसल से भरा कंटेनर पकड़े जाने के मामले में SIT ने कोर्ट में चालान पेश किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के 56 दिन बाद चालान पेश हुआ है। SIT ने जांच में कंटेनर में गौमांस होने की पुष्टि की है।
17 दिसंबर 2025 को पकड़ा गया था कंटेनर
जय मां भवानी हिंदू संगठन प्रमुख भानू हिंदू और उनकी टीम ने 17 दिसंबर 2025 को मांस से भरा कंटेनर पकड़ा था, जिसमें 26 टन गौमांस अलग-अलग पैकेट में भरा था। 5 जनवरी को आई सैंपल रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि हुई थी।
असलम चमड़ा और कंटेनर का ड्राइवर शोएब अरेस्ट
गौमांस भोपाल के जिंसी के नगर निगम स्लॉटर हाउस से निकला था जिसे असलम चमड़ा चलाता था। 7 जनवरी को असलम चमड़ा और कंटेनर के ड्राइवर शोएब को अरेस्ट किया गया था।
5 डिब्बों में लिए गए थे सैंपल
मांस की जांच मथुरा की फॉरेंसिक लैब में कराई गई थी। जहांगीराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने FIR दर्ज की थी। 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया था। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्द्दीन को ही सुपुर्दगी में दिया गया।
SIT का अधूरा चालान
जेल में बंद आरोपी स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य के न्यायालय में SIT ने 500 पन्नों का चालान पेश किया है। दरअसल, ये चालान अधूरा है, क्योंकि इस चालान के साथ मथुरा की लैब की जांच रिपोर्ट तो पेश की गई है, लेकिन हैदराबाद की लैब की जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
वेटनरी डॉ. बेनी प्रसाद गौर सस्पेंड
इस मामले में वेटनरी डॉ. बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड किया गया था। उन्होंने 17 दिसंबर 2025 को जारी लेटर में प्रमाणित किया था कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब 2 हफ्ते में 15 साल से ज्यादा उम्र की भैंसों का वध किया गया था। इसके बाद ही मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक करके मुंबई भेजने की अनुमति दी गई थी। इसी मांस की खेप से लिए सैंपल में गौमांस की पुष्टि हुई।
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