नई दिल्ली
शनिवार को सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सूत्रों ने बताया कि भारत की ऊर्जा भंडार स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और हालात पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर हो रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा भंडार की स्थिति में सुधार होने से सरकार को ईंधन आपूर्ति को संभालने में ज्यादा भरोसा मिला है। उन्होंने बताया कि भारत ने कच्चे तेल के आयात को विविध बनाने के लिए कदम उठाए हैं ताकि संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम हो सके।
सूत्रों ने कहा कि पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के स्रोतों से आता था, लेकिन अब यह हिस्सा बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से पहली तेल खेप रवाना हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि तेल की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार की यह सफाई उस समय आई जब विपक्षी राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह पूरी तरह बेबुनियाद आरोप हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले दिया गया आश्वासन सिर्फ पेट्रोल और डीजल की कीमतों से संबंधित था, यह एलपीजी के बारे में नहीं था। सूत्रों ने फिर से दोहराया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने कहा, "यह बात सिर्फ पेट्रोल और डीजल के लिए कही गई थी। इसका संबंध एलपीजी से नहीं था। आज हम फिर से भरोसा दिलाते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी।" रसोई गैस के मुद्दे पर सूत्रों ने कहा कि सरकार फिलहाल एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 110 रुपए बढ़ी है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है और ईंधन की आपूर्ति और कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
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