नई दिल्ली
हाल ही में LPG गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गैस की इन कीमतों में वृद्धि के बाद अब ऐसा कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम भी बढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि सरकारी गलियारों से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी अभी नहीं होगी।
पेट्रोल-डीजल के दाम पर सरकार का रुख
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सूत्रों का कहना है कि Strait of Hormuz से कार्गो जहाजों की आवाजाही जल्द ही सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ऐसे में कीमतों में इजाफे की संभावना न के बराबर है।
LPG की कीमतों में क्यों हुआ इजाफा?
लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद सरकार ने रसोई गैस के दामों में बदलाव किया है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो पिछले 12 वर्षों में एलपीजी के दाम कुल 110 रुपये बढ़े हैं। सरकार ने अब तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपना पूरा ध्यान एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम करने पर लगाएं ताकि भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।
भारत के पास सुरक्षित भंडार: हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को विश्वास किया है कि ईंधन की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (हवाई ईंधन) का भरपूर भंडार है। देश के पास अगले 50 से 60 दिनों के लिए पर्याप्त बैकअप मौजूद है। सप्लाई चेन और रसद के मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति
पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है। पिछले एक सप्ताह में ही कच्चे तेल की कीमतों में 39% का जबरदस्त उछाल आया है। शुक्रवार को कीमतें अपने एक साल के उच्चतम स्तर (52-week high) पर पहुंच गईं, जिसमें एक ही दिन में 3.50% की तेजी देखी गई। इसके बावजूद, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के बल पर घरेलू कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है।
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