हरियाणा राज्यसभा रेस: नांदल सबसे अमीर, बौद्ध करोड़पति; BJP उम्मीदवार भाटिया के पास संपत्ति नहीं

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हरियाणा 
हरियाणा में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी सियासत गरमाई है। 2 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में तीन उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो रही है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) सबसे अमीर हैं। 

सबसे अहम बात यह है कि पूर्व लोकसभा सांसद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया के नाम कुछ भी नहीं है। हां उन्होंने चुनाव में अपनी चल संपत्ति 78 लाख रुपए के करीब दर्शाई है।

सतीश नांदल
कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग पर भरोसा कर रहे 63 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पास 45.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जिसमें एक रिवॉल्वर और 950 ग्राम सोना शामिल है। नांदल के पास आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों सहित 28.54 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति 73.74 करोड़ रुपए की है। ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और रोहतक में स्थित हैं।

परिवार के पास रोहतक में 5 करोड़ रुपए की एक आवासीय संपत्ति, रोहतक में ही 2.17 करोड़ रुपए की दो व्यावसायिक संपत्तियां और दिल्ली में 5 करोड़ रुपए की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति है।

उन पर 9.70 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्हें शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में परियोजना प्रभारी के रूप में पारिश्रमिक और किराए से आय प्राप्त होती है। उन्होंने रोहतक के एक संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया है।

करमवीर सिंह बौद्ध
कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध की कुल संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए है, जिसमें 65 लाख रुपए की चल संपत्ति, एक कोरोला अल्टिस, एक बोलेरो, 200 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी शामिल है, जबकि उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 1.33 करोड़ रुपए है।

वे सिविल सचिवालय से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं और उनकी पत्नी हरियाणा श्रम विभाग में उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पेंशन और मकान किराया उनकी आय के स्रोत हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।

संजय भाटिया
भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया के नाम पर न तो कोई संपत्ति है और न ही उनकी पत्नी के नाम पर। उनकी चल संपत्ति 84.73 लाख रुपए है, जिसमें 48 लाख रुपए के आभूषण शामिल हैं। वे दो निजी कंपनियों में निदेशक हैं और कृषि से आय तथा पेंशन भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने पानीपत के एक कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है।

भाटिया की जीत पक्की, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
राज्यसभा में दो सीटें हैं और सदन में 90 विधायक हैं, इसलिए किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा के संजय भाटिया आसानी से जीत जाएंगे, क्योंकि पार्टी के पास 48 सीटें हैं। दूसरी सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। बौध की जीत के लिए कांग्रेस को 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, नांदल कांग्रेस के क्रॉस वोट पर निर्भर हैं। उन्हें भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर किसी विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता।

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