नागौर
नागौर जिले के छोटे से गांव प्रेमपुरा की बेटी, स्क्वाड्रन लीडर स्वाति राठौड़, आज पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक हैं। साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर का पद हासिल किया। 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस परेड में Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर उड़ाते हुए फ्लाईपास्ट का नेतृत्व करने वाली वे पहली महिला पायलट बनीं, जिसने वायुसेना के इतिहास में मील का पत्थर स्थापित किया।
पहली कोशिश में हुई सफल
बचपन से देशभक्ति से ओतप्रोत स्वाति ने अजमेर में स्कूल के दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता में तिरंगा बनाकर अपने पायलट बनने के सपने को दुनिया के सामने रखा। 2014 में पहली ही कोशिश में वे वायुसेना में चयनित हुईं। 2016 में इंडक्शन के बाद 2018 केरल बाढ़ में रेस्क्यू मिशन में उन्होंने बहादुरी दिखाई।
चिनूक हेलीकॉप्टर पायलटों में से एक हैं स्वाति
2022 में स्वाति राठौड़ भारत की पहली महिला चिनूक हेलीकॉप्टर पायलटों में शामिल हुईं (स्क्वाड्रन लीडर परुल भारद्वाज के साथ), जो एलएसी के निकट उत्तरी-पूर्वी सेक्टर में तैनात हैं। उनके पति भारतीय सेना में मेजर हैं, जबकि उनके भाई मर्चेंट नेवी में हैं, जो परिवार की सेवा-भावना को दर्शाता है।
जज्बे को सलाम
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वाति राठौड़ हमें यह सिखाती हैं कि मरूस्थल की रेत से भी आसमान छुआ जा सकता है। उनकी कहानी मेहनत, जज्बे और नारी शक्ति की जीती-जागती मिसाल है, जो राजस्थान की बेटियों के लिए नई ऊंचाइयां तय कर रही है।
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