राष्ट्रपति मुद्दे पर योगी का TMC पर निशाना: यह ओछी मानसिकता का प्रमाण

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रवास के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्यक्रम स्थल में अचानक बदलाव का विवाद बढ़ता जा रहा है. इसे लेकर भाजपा नेता लगातार ममता सरकार को घेर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर बंगाल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रपति के साथ किए गए व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने इसकी निंदा की है.

योगी ने एक्स पर लिखा है कि ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति पश्चिम बंगाल में हुआ व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और अक्षम्य है. यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, मातृशक्ति और जनजातीय समाज की अस्मिता का अपमान है. राष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है. इस पद के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.’
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योगी ने आगे लिखा कि ‘संथाल संस्कृति और मा. राष्ट्रपति जी के प्रति TMC का यह दुराग्रह उनके राजनीतिक अहंकार और ओछी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. संपूर्ण देश इस कृत्य से आहत है. पश्चिम बंगाल सरकार को अपने इस अमर्यादित आचरण के लिए देश से अविलंब सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए.’

ये है पूरा मामला

दरअसल, पूरा विवाद राष्ट्रपति मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान सामने आया. राष्ट्रपति दार्जिलिंग जिले में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं थीं. पहले कार्यक्रम बिधाननगर (फांसीदेवा ब्लॉक) में प्रस्तावित था, जहां बड़ी संख्या में संथाल आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच सकते थे. लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़भाड़ और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्यक्रम को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोशाईपुर (या गोसाईंपुर) में स्थानांतरित कर दिया. राष्ट्रपति ने खुद इस बदलाव पर नाराजगी जताई और कहा कि नया स्थान छोटा था, जिससे कई लोग पहुंच नहीं पाए.

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