दतिया.
भांडेर अनुभाग के ग्राम तालगांव निवासी 15 वर्षीय दसवीं की छात्रा उर्वांगी दुबे उर्फ गुनगुन पुत्री विनय दुबे की हाल निवास आलमपुर जिला भिंड स्थित अपने घर पर साइलेंट अटैक की वजह से शनिवार को अचानक मौत हो गई। कम उम्र में अचानक हुई इस मौत ने परिजन को विचलित और हैरान कर दिया। भांडेर क्षेत्र में इतनी कम उम्र में साइलेंट अटैक से मौत का यह पहला और इकलौता मामला बताया जा रहा है।
इस घटना के बारे में उर्वांगी के पिता विनय ने बताया कि वे भिंड जिले के आरुषि में बतौर शिक्षक पदस्थ होकर आलमपुर में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते हैं। शनिवार को सामान्य दिन की तरह सुबह करीब दस बजे अपने दो अन्य बच्चों सहित उर्वांगी को हंसता खेलते छोड़ गए थे। करीब पौने तीन बजे उन्हें घर से मोबाइल पर सूचना मिली कि उर्वांगी की तबियत अचानक से बिगड़ गई है। घर पहुंचकर डॉक्टर को बुलाया, लेकिन डॉक्टर के आने से पहले ही उसने दमतोड़ दिया। परीक्षण करने वाले डॉक्टर भी इसे साइलेंट अटैक का केस मान रहे हैं। शनिवार शाम को ही भांडेर के तालगांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उर्वांगी कक्षा 10 की छात्रा थीं और शुक्रवार को ही उसकी वार्षिक परीक्षा संपन्न हुई थी। वह तीन भाई बहिनों में सबसे बड़ी थी।
क्या कोरोना वैक्सीन साइलेंट अटैक की वजह –
इस मामले में सीएचसी भांडेर पर पदस्थ एवं पूर्व बीएमओ डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इंफार्क्शन (एसएमआई) के नाम से जाना जाता है। यह तब होता है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है, लेकिन लक्षण इतने हल्के या असामान्य होते हैं कि अधिकांश व्यक्तियों को यह अहसास ही नहीं होता कि कोई जानलेवा घटना घट रही है।
हाल के समय में साइलेंट अटैक के चलते कम उम्र एवं युवाओं में मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर कोरोना और उसकी वैक्सीन को लेकर भी कथित तौर पर आशंका जताई जाती है। इस घटना को लेकर भी परिजन ने आशंका जताई कि कोरोना काल में उर्वांगी को भी वैक्सीन लगी थी, कहीं उसका कोई प्रभाव तो नहीं पड़ा।
इस मामले में विशेषज्ञ राय ली गई तो डा.आरएस परिहार ने बताया कि साइलेंट अटैक की वजह कोरोना या कोरोना वैक्सीन की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खानपान और दैनिक दिनचर्या भी ऐसी मौतों की एक वजह हो सकती है।
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