लुधियाना
पंजाब में अब फर्जी वी.आई.पी. गाड़ियों वाले सावधान हो जाएं। दरअसल, अब अगर गाड़ियों पर अवैध तौर पर लाल-नीली चमकदार लाइट लगाई तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किया जाएगा। इन लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अपने वाहनों पर ऐसी चमकदार लाइट लगाकर फर्जी वी.आई.पी. बनने वाले लोग पुलिस की पकड़ में आएंगे
बता दें कि जिला लुधियाना के कई इलाकों में महंगी गाड़ियों और एस.यू.वी. पर लाल-नीली बत्तियां लगाकर लोग खुद को वी.आई.पी. दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मोटर व्हीकल नियमों के मुताबिक लाल और नीली फ्लैशर लाइट का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं और अधिकृत सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए ही निर्धारित है। किसी भी निजी वाहन पर इन लाइटों का इस्तेमाल पूरी तरह अवैध माना जाता है।
इन वाहनों को है अनुमति
पुलिस वाहन, एम्बुलैंस, फायर ब्रिगेड, कुछ अधिकृत आपातकालीन सरकारी वाहन
पहले किया जागरूक, अब शुरू किए चालान : ए.सी.पी. गुरदेव सिंह
ए.सी.पी. ट्रैफिक गुरदेव सिंह का कहना है कि लाल नीली फ्लैशर लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अगर कोई अवैध तौर पर इन लाइटों का प्रयोग करता है तो धारा-177 के तहत पहली बार जुर्म में 500 रुपए तथा इसके बाद 1500 रुपए का जुर्माना किया जा सकता है, जबकि अगर धारा 190(2) में चालान किया जाए तो पहली बार में 5000 रुपए तथा दूसरी बार नियम तोड़ने पर 10,000 रुपए का जुर्माना नियत किया गया है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा पहले लोगों को जागरूक किया गया है। इसके बावजूद न सुधरने वाले लोगों के चालान शुरू कर दिए गए हैं।
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