नई दिल्ली
सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है।
केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और मुकाबले में लेफ्ट के नेतृत्व में एलडीएफ गठबंधन है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का यूडीएफ है। चुनाव से पहले बयानबाजी का दौर तेज है, लेकिन इसका असर दिल्ली तक दिख रहा है और INDIA गठबंधन में भी तनाव पैदा हो रहा है। सोमवार को अलायंस की मीटिंग में दिल्ली में थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी। लेकिन इस दौरान लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी पर ही हमला बोल दिया। इन दलों ने ऐतराज जताया कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है। इससे INDIA अलायंस की एकता प्रभावित होगी और संबंध में कड़वाहट आ जाएगी।
वामपंथी दलों के सांसद जॉन ब्रिट्स और पी. संतोष कुमार ने मीटिंग में आपत्ति जताई कि राहुल गांधी कम्युनिस्ट पार्टी और भाजपा के बीच गठजोड़ की बात कैसे कर सकते हैं। दरअसल राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि केरल में भाजपा और कम्युनिस्ट दलों के बीच तालमेल है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए एक टर्म भी दी थी- कम्युनिस्ट जनता पार्टी। वामपंथी दलों के नेताओं को सबसे ज्यादा यह टर्म ही चुभी है, जिसमें उन्हें कम्युनिस्ट जनता पार्टी कहा गया। वामपंथी नेताओं ने कहा कि इस तरह सहयोगी दलों पर टिप्पणियां करने से गठबंधन कैसे चल पाएगा।
वहीं वामपंथी नेताओं की शिकायत पर कुछ और दलों के नेताओं ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि यह मीटिंग तो संसद सत्र के एजेंडे को लेकर बुलाई गई है। ऐसे में इस फोरम पर दो दलों के आपसी संबंधों को लेकर बात नहीं करनी चाहिए। यही नहीं कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मीटिंग के दौरान लेफ्ट सांसदों के रुख पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस मसले पर बाद में बात की जाएगी और हम बताएंगे कि आखिर राहुल गांधी के कहने का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि मीटिंग में इस तरह राहुल गांधी की स्पीच के एक हिस्से को मुद्दा बनाना ठीक नहीं है।
राहुल गांधी भी बैठक में थे मौजूद, वामपंथी नेताओं की आपत्ति पर क्या बोले
इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद थे और उन्होंने भी यही कहा कि इस पर बाद में बात की जाएगी। इस दौरान ज्यादातर नेताओं ने यही कहा कि हमें फिलहाल बैठक में संसद के एजेंडे पर फोकस करना चाहिए। गौरतलब है कि अगले कुछ महीनों में ही केरल में इलेक्शन होने वाले हैं। बीते लगातार दो कार्यकाल से वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार केरल की सत्ता पर काबिज है। यहां भाजपा तीसरे नंबर की पार्टी है, जबकि कांग्रेस मुकाबले में रही है। ऐसे में कांग्रेस को लगता है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर लेगी। केरल की ही वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गांधी सांसद रहे हैं। फिलहाल यहां का प्रतिनिधित्व उनकी बहन प्रियंका वाड्रा करती हैं।
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