जींद.
सफीदों की गीता कालोनी की फैक्ट्री में हुए अग्निकांड के बाद मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात दो और महिलाओं की मौत हो गई। अब तक कुल नौ महिलाओं की मौत हो चुकी है। इनमें से एक महिला रोहतक पीजीआइ व एक पानीपत के एक निजी अस्पताल में दाखिल थी।
डीसी मोहम्मद इमरान रजा व एसपी कुलदीप सिंह मंगलवार को पीजीआइ रोहतक पहुंचे और यहां दाखिल चार लोगों का हालचाल जाना। यहां तीन महिलाएं आइसीयू में दाखिल हैं जबकि एक व्यक्ति वार्ड में दाखिल है। इन तीनों की हालत भी नाजुक बनी हुई है। सात फरवरी को सफीदों की गीता कालोनी में अवैध रूप से चल रही रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग लग गई थी। सोमवार रात को इसमें गीता कालोनी निवासी कमलेश (54) की पीजीआइ रोहतक और गांव सिंघपुरा निवासी राजबाला (55) की पानीपत के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
डीसी व एसपी पीजीआई में दाखिल लोगों से मिले
मंगलवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह पीजीआइ रोहतक पहुंचे और फैक्ट्री में हुई आगजनी में झुलसे उपचाराधीन मजदूरों का हालचाल जाना। दोनों अधिकारियों ने झुलसे लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। रोहतक पीजीआइ में तीन महिलाएं व एक पुरुष दाखिल है। एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इनमें से एक महिला की हालत थोड़ी सी नाजुक है। चिकित्सकों ने कहा कि यहां दाखिल सभी को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
आरोपित फैक्ट्री संचालक को दिल्ली लेकर गई पुलिस
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में रिमांड पर चल रहे आरोपित फैक्ट्री संचालक राकेश को एसआइटी दिल्ली लेकर गई। राकेश ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि वह दिल्ली के सदर से कच्चा मेटीरियल खरीद कर लाता था। यहां से वह गुलाल तथा इसमें प्रयोग किया जाने वाला अन्य कच्चा माल लेकर आता था। यह कच्चा मेटीरियल होली से पहले ही मिलता था। वह पहले ही इसको खरीद कर ले आया था और फैक्ट्री में स्टोर कर रखा था।
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