पुलिस ने तीन किडनैपर किए अरेस्ट, पानीपत में दूधमुंहे बच्चे का एक लाख में अपहरण

राज्य

पानीपत.

सीआइए टू ने कालाअंब के पास से सात महीने के दूधमुंह बच्चे मनसूब का अपहरण करने वाले तीन आरोपितों को 30 घंटे में उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार किया है। बच्चे को सकुशल बरामद किया है। आरोपितों की पहचान कासगंज सिद्धपुरा निवासी सलमान, आजाद व एटा के करथला निवासी मुकेश के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक बच्चे का एक लाख रुपये में सौदा हुआ था। बच्चा खरीदने वाले आरोपित मुकेश को काबू किया है। आरोपित मुकेश से कारोबारी है। शादी के बाद लंबे समय से संतान नहीं है। उसने सलमान और आजाद से बच्चा लाने के लिए कहा था। आरोपित पानीपत में कुछ समय तक रहे। इसके बाद काला आंब के झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के बच्चों की रैकी की। इसी प्लान के तहत सोमवार दोपहर को आरोपित बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक पर सीधा एटा पहुंच गए। बच्चा अपहरण की सूचना मिलने के बाद एसपी भूपेंद्र सिंह ने सीआइए टू प्रभारी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने साइबर टीम के सहयोग से आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस की टीमें यूपी के लिए रवाना हो गई। पुलिस टीम को देख भागते समय आरोपित सलमान गिर गया, उसके पैर में फैक्चर आ गया। पुलिस की टीमों ने आरोपित सलमान और आजाद को काबू किया।

'मेरे लिए पुलिस किसी फरिश्ते से कम नहीं है'
पुलिस के लिए जितना बोलू उतना कम है। उन्होंने मेरे कलेजे के टुकड़े को मुझसे मिलवा दिया। जब मुझे थाने में बुलाकर बेटे को गोद में दिया तो वह पल मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। बेटे के अपहरण के बाद से उसने एक पल भी चैन की सांस नहीं ली होगी। पूरी रात मैं सो नहीं पाई और मन में बस यही डर था कि पता नहीं अपने बच्चे से फिर पाऊंगी या नहीं। मेरे बेटे ने भी 30 घंटे तक दूध तक नहीं पिया। जो उसे उठाकर ले गया था उन्होंने निप्पल से दूध पिलाने की कोशिश भी की, लेकिन उसने दूध नहीं पिया।

जैसे ही वह मेरी गोद में आया तो पहले मेरे हाथ को काटा और फिर मेरे साथ खेलने लगा। उस पल मुझे लगा जैसे मेरी दुनिया फिर से लौट आई हो। पुलिस ने मेरे बेटे का थाने में भी बहुत ध्यान रखा। पुलिस कर्मियों ने बच्चे को प्यार से संभाला और सुरक्षित रखा। बेटे को सही सलामत देखकर उसके दिल को बहुत सुकून मिला। मैं पूरी जिंदगी पुलिस की इस मदद को नहीं भूल पाऊंगी। अगर पुलिस समय पर कार्रवाई न करती तो शायद मेरा बेटा मुझे वापस नहीं मिल पाता, मेरे लिए पुलिस किसी फरिश्ते से कम नहीं है। – जैसा कि मनसूब उर्फ हिमाशु की मां काजल ने बताया

नहीं रुक रहे थे आंसू
पिछले करीब 30 घंटे से अपने सात महीने के बेटे से बिछुड़ी मां की आंखो से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बेटे के मिलने के बाद भी उनकी ममता का दर्द और राहत एक साथ छलक पड़े। सोमवार को बच्चे को अपहर्ता बहन से छीन ले गए थे।

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