‘ईद पर भाई को रिहा नहीं करेगी सरकार’: अलीमा खान का बड़ा बयान, पाकिस्तान की राजनीति गरमाई

दुनिया

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनें अडियाला जेल के बाहर फिर से धरने पर बैठ गई हैं। तीनों को चेक पोस्ट पर रोका गया जिसके विरोध में उन्होंने धरना दिया। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं को भी पीछे धकेल दिया, जो जेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

मंगलवार को जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, इमरान खान की अलीमा खान ने इसे बेहद निराशाजनक रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद परिवार के लोगों को पीटीआई संस्थापक से मिलने नहीं दिया गया। पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर अलीमा खान की एक वीडियो क्लिप अपलोड की गई है, जिसमें वह गुस्से और हताशा में कह रही हैं कि उन्हें यकीन है कि भाई को ईद में भी रिहा नहीं किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में, अलीमा खान ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनके भाई को ईद से पहले रिहा कर दिया जाएगा।

पाकिस्तान के अनुसार, अलीमा ने उन खबरों को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब दिया जिसमें इमरान खान को ईद में रिहा किए जाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा, "वे उसे रिहा नहीं करना चाहते। आजकल जो दुनिया में हो रहा है उस पर ध्यान देंगे तो, और आपको पता चल जाएगा कि इमरान खान जेल में क्यों हैं? उनके साथ जो हो रहा है उसे तारीख (इतिहास) याद रखेगी।" इससे पहले फरवरी में, जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जिसमें इमरान खान को कानूनी और मेडिकल मदद देने में कथित रुकावटों पर गंभीर चिंता जताई गई थी।

नेताओं ने चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी को लिखे अपने खत में उनसे इस मामले में दखल देने की अपील की ताकि इस मामले में इंसाफ हो सके। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अफरीदी से यह भी अनुरोध किया कि वे इस मामले पर ध्यान दें और यह पक्का करें कि इमरान खान को कानून के मुताबिक निजी चिकित्सक, कानूनी सलाहकार और परिवार के लोगों से मिलने की इजाजत मिले।

पत्र में, पीटीआई नेताओं ने इमरान खान के इलाज की तुलना पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2019 में हुए मेडिकल ट्रीटमेंट से की। उन्होंने कहा कि तब की सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि नवाज शरीफ को लाहौर के सर्विसेज हॉस्पिटल ले जाया जाए और जब उनका प्लेटलेट काउंट कम था तो उन्हें सही मेडिकल केयर दी जाए। उन्होंने आगे कहा कि नवाज शरीफ के पर्सनल डॉक्टर मेडिकल बोर्ड की सभी मीटिंग में शामिल होते थे, उनका परिवार और वकील भी उनसे नियमित तौर पर मिलते थे।

 

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