नक्सलियों पर बड़ा वार: डंप से 3.61 करोड़ कैश, सोना और AK-47 सहित 101 हथियारों का जखीरा मिला

Spread the love

जगदलपुर

बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आज नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के 108 नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

नक्सलियों के 101 घातक हथियार बरामद
यह आत्मसमर्पण पुणे मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत हुआ। कार्यक्रम राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम और एडीजी विवेकानंद सिन्हा की मौजूदगी में हुआ। बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान नक्सलियों द्वारा जमा किए गए हथियारों और अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। अधिकारियों ने 101 घातक हथियार बरामद होने की जानकारी दी।

करोड़ों रुपये के हथियार समेत नगद मिला
इन हथियारों में एके 47, इंसास, एलएमजी और बीजीएल शामिल थे। नक्सल इतिहास में पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नकद और 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना बरामद किया गया। इसे अब तक के नक्सल विरोधी अभियानों में सबसे बड़ी डंप बरामदगी माना जा रहा है। यह सभी सामग्री बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों से बरामद की गई थी। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिले शामिल हैं।

बरामद किए गए सभी डंप और सामग्री को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शन जगदलपुर स्थित रेंज मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सामग्री अलग-अलग अभियानों में मिली थी। इसमें 101 घातक हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी व सोना शामिल था।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के कारण नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापसी की है। यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक होगी।

Related Articles

Back to top button