सावरकर टिप्पणी विवाद थमा, कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि केस किया बंद

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मुंबई
महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक आपराधिक अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बुधवार, 11 मार्च को बड़ी राहत दी है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आर.एल. नरवाडे की अदालत ने गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के एक मामले को बंद कर दिया है। यह मामला उनके द्वारा हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा था, जो उन्होंने 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की थीं। अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हुए टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत नासिक स्थित निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 और 16 जून, 2022 को हिंगोली और अकोला में रैलियों में गांधी की टिप्पणियां मानहानि करने वाली और अपमानजनक थीं।

किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था
भुटाडा की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में समन भी जारी किया था। बाद में राहुल गांधी को अदालत से जमानत मिल गई और उन्हें कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति भी दी गई। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।

शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 202 के तहत जांच के आदेश दिए थे। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर मामला वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद ट्रायल जज ने मानहानि से जुड़ी पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया।

 

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