भोपाल
डायल-112 सेवा केवल आपराधिक या आपात पुलिस सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आमजन के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुरैना जिले में डायल-112 जवानों की संवेदनशील कार्यवाही से घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय पर उपचार मिल सका।
13 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि मुरैना जिले के थाना नूराबाद क्षेत्र के सीहोरा गाँव में एक मोर अज्ञात कारणों से घायल हो गया है। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुँचकर आरक्षक रवि कुमार एवं पायलट अंशुल शर्मा ने देखा कि वन क्षेत्र से भटककर आया एक मोर अज्ञात कारणों से घायल हो गया था। स्थिति को देखते हुए डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल मोर को सावधानीपूर्वक सुरक्षित किया और एफआरव्ही वाहन की सहायता से उपचार एवं संरक्षण के लिए वन केंद्र मुरैना पहुँचाकर वन विभाग के अधिकारियों के सुपुर्द किया।
वन विभाग द्वारा घायल मोर का उपचार किया जा रहा है। डायल-112 टीम की संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई से राष्ट्रीय पक्षी को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका।
डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात स्थितियों में केवल नागरिकों ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति भी समान रूप से सजग और प्रतिबद्ध है।
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