चंडीगढ़.
“पुर्जों से प्लेटफार्म तक विश्व बाजार के लिए पंजाब की अगली पीढ़ी की साइकिलें” विषय पर आयोजित “साइकिल और ई-बाइक्स” सत्र में पंजाब के साइकिल उद्योग के विकास व विस्तार पर चर्चा हुई। एवन साइकिल के चेयरमैन और प्रबंधकीय निदेशक ओंकार सिंह पाहवा ने कहा कि पंजाब एक व्यवसाय अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है, जिससे उद्यमियों को अपने लक्ष्यों को साकार आसानी हो रही है।
एमएसई के लिए विस्तारित स्व-प्रमाणीकरण और सिंगल-पाइंट रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रिया प्रोजेक्ट को लगाने में तेजी लाएगी और निवेश को रोजगार, निर्यात तथा औद्योगिक उत्पादन में बदल देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 4,000 से अधिक एमएसएमई निर्माता और 100 से अधिक मध्यम और बड़े साइकिल निर्माता प्रतिवर्ष लगभग 2.2 मिलियन साइकिलों का उत्पादन करते हैं, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े साइकिल उत्पादक देशों में शामिल हो गया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पास कंपोनेंट्स और कच्चे माल की बड़ी क्षमता है तथा विश्वस्तरीय टायर निर्माण क्षमता इस क्षेत्र को और मजबूती प्रदान करती है। रॉलसन इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पाहवा ने साइकिल उद्योग के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1970 और 1980 के दशक में स्वदेशी तकनीक और सहायक ईकोसिस्टम ने टायर और ट्यूब निर्माण उद्योग के विकास को संभव बनाया, जो आज घरेलू और विश्व बाजारों में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते परिवहन पैटर्न, आर्थिक समृद्धि और मोटरसाइकिलों की बढ़ती प्राथमिकता के कारण साइकिलों का मुख्य परिवहन साधन के रूप में महत्व कम हुआ है और उद्योग अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने सुझाव दिया कि साइकिलों को खेल, मनोरंजन, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरी परिवहन के साधन के रूप में पुनः स्थापित करके इस उद्योग को नया जीवन दिया जा सकता है।
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