झारखंड में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को लेकर पहल तेज, SCCI ने CM हेमंत सोरेन से की चर्चा

राज्य

जमशेदपुर

जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक व शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना, टाटा कमांड एरिया में बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री और उद्योगों से जुड़ी अन्य समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में रांची स्थित नवनिर्मित झारखंड विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान और जमशेदपुर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में मानद महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं फाइनेंस) राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष बांकरेवाल, सचिव (उद्योग) विनोद शर्मा और सचिव (टैक्स एवं फाइनेंस) अंशुल रिंगासिया शामिल थे।

"वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं"
बैठक में चैंबर ने सबसे पहले धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा उठाया, जो पिछले करीब छह वर्षों से लंबित है। चैंबर ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस परियोजना को जल्द शुरू कराया जाए, क्योंकि इसके चालू होने से कोल्हान क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया कि वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही इसमें आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के कमांड एरिया में करीब दस वर्षों से बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री का मुद्दा भी उठाया। चैंबर ने बताया कि रजिस्ट्री बंद रहने से शहर में रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और शहरी विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए पहल करने की मांग की।

चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की
बैठक में झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JIADA) को भूमि अधिग्रहण का अधिकार देने की मांग भी रखी गई। चैंबर का कहना था कि इस अधिकार के बिना औद्योगिक भूमि बैंक बनाना मुश्किल हो रहा है, जिससे खासकर MSME सेक्टर के उद्योग लगाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, नोएडा और राजस्थान जैसे राज्यों में औद्योगिक विकास संस्थाओं को यह अधिकार दिया गया है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने जुगसलाई, मानगो और टाटा कमांड एरिया से बाहर के कई इलाकों में जमीन के रिकॉर्ड में अब भी “बिहार सरकार” का नाम दर्ज रहने की समस्या भी उठाई। चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से भी मुलाकात कर इन मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से उद्योगों को हो रही परेशानी के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राधा कृष्ण किशोर, पूर्णिमा साहू, समीर मोहंती और सोमेस सोरेन से भी मुलाकात की। चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मुद्दों के हल होने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry