जितना पूछा जाए, उतना ही बताएं — मंत्री के लंबे जवाब पर ओम बिरला का सख्त रुख

देश

नई दिल्ली
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल में सदस्यों से संक्षिप्त प्रश्न पूछने और मंत्रियों से छोटे जवाब देने का अपना आग्रह दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि क्या मंत्री 'संक्षिप्त जवाब देने की कोशिश नहीं कर सकते।' प्रश्नकाल में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य जीएम हरीश बालयोगी के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।

इस दौरान बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, 'आप भाषण क्यों दे रहे हैं। आप तो जवाब दो।' इसके बाद जब वर्मा दूसरे पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे तो अध्यक्ष ने कहा, 'आप लोग संक्षिप्त जवाब देने की कोशिश नहीं कर सकते। मैंने कितनी बार सदन में यह आग्रह किया है। हर बार विस्तृत जवाब देते हो आप। जितना (सदस्य) पूछें आप उतना जवाब दे दो।'

इससे पहले प्रश्नकाल शुरू होने के दौरान भी बिरला ने सदस्यों से संक्षिप्त प्रश्न पूछने और मंत्रियों से उनके संक्षिप्त जवाब देने का अपना आग्रह दोहराया। उन्होंने कहा, 'मेरा प्रयास है कि प्रश्नकाल में सूचीबद्ध सभी 20 पूरक प्रश्न आ जाएं।'

उन्होंने दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल समाप्त होने से पहले एक सदस्य को आज का अंतिम पूरक प्रश्न पूछने का निर्देश देते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा, 'समय कम है, मत्रीजी को लंबा जवाब देना है।'

विपक्ष के आठ लोकसभा सदस्यों का निलंबन रद्द
लोकसभा ने मंगलवार को उन आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया जिन्हें संसद के बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के मामले में निलंबित किया गया था। बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी थी।

सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने आसन से निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सदस्यों के आचरण पर खेद भी जताया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने निलंबन खत्म करने का प्रस्ताव सदन में रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

क्यों हुआ था निलंबन
बजट सत्र के पहले चरण के दौरान तीन फरवरी को आसन की ओर कागज फेंकने के बाद, सदन की अवमानना के मामले में विपक्ष के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस. वेंकटेशन शामिल हैं। निलंबन के बाद से ये सांसद कार्यवाही वाले दिन संसद के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे।

 

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