Punjab Health Boost: NHM के जरिए 572.66 करोड़ जारी, आम लोगों को मिलेगा सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज

राज्य

चंडीगढ़.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजाब को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 572.66 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है, इसलिए सभी नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है।

जेपी नड्डा ने प्रश्न के उत्तर में कहा, “एनएचएम का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी भी पहुंच सुनिश्चित करना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, पंजाब के लिए 572.66 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इस योजना के तहत जारी की गई धनराशि का उपयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने के लिए किया जाता है।” उन्होंने कहा कि एनएचएम के तहत, कार्यान्वयन और प्रगति का आकलन करने के लिए विभिन्न तंत्र मौजूद हैं। धनराशि की निगरानी और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है। व्यय विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के आधार पर किस्तें जारी की जाती हैं। एनएमसी पोर्टल पर 2025 से 2,572 शिकायतें मिलीं।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2025 से अब तक एनएससी के शिकायत पोर्टल पर 2,572 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से पिछले वर्ष 1,829 और इस वर्ष 743 शिकायतें शामिल हैं। अनुप्रिया ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के अनुसार छात्रों और अन्य हितधारकों के लिए शिकायतें कराने का वेब-आधारित पोर्टल स्थापित किया गया है। अन्य प्रश्न के उत्तर में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केंद्रीय दवा नियामक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने वजन प्रबंधन और मोटापे के इलाज के लिए तीन दवाओं – ओर्लिस्टेट, टिरजेपेटाइड और सेमाग्लूटाइड को मंजूरी दी है। ये दवाएं डॉक्टर की पर्ची (प्रेसक्रिप्शन) पर दवा की दुकान में उपलब्ध होंगी। अन्य प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 28 फरवरी तक देशभर में अस्पतालों में भर्ती के 11.69 करोड़ मामलों में 1.73 लाख करोड़ को मंजूरी दी गई है। इनमें से वित्तीय वर्ष 2023-24 और वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अस्पतालों में भर्ती के 4.40 करोड़ मामलों में 68,302.23 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि योग्य लाभार्थी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनके जेब से होने वाले खर्च में कमी आ रही है। एबी-पीएमजेएवाई के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवरेज मिलता है। अन्य प्रश्न के उत्तर में प्रतापराव जाधव ने कहा कि 2022-23 से 2024-25 के बीच तीन वर्षों में खाद्य सुरक्षा विभागों के अधिकारियों ने 5.18 लाख से अधिक खाद्य नमूनों का विश्लेषण किया। इस अवधि में 88,192 मामलों में दंड लगाए गए और 3,614 मामलों में सजा सुनाई गई और 1,161 लाइसेंस रद किए गए।

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