Groundwater Alert: हाईकोर्ट ने जताई चिंता, मुफ्त बिजली और बेतहाशा दोहन से सूख रहे पंजाब-हरियाणा

Spread the love

चंडीगढ़.

राज्य में कृषि ट्यूबवेलों को 24 घंटे मुफ्त बिजली देने और इसके कारण भूजल के अत्यधिक दोहन के मुद्दे पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड को चार हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। एक याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जब भूजल की उपलब्धता से अधिक उसका दोहन हो रहा है, तो यह स्थिति आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत खतरनाक है।

मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि राज्य की नीति के अनुसार किसानों को केवल धान के सीजन में सीमित समय के लिए मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर 24 घंटे मुफ्त बिजली का उपयोग किया जा रहा है। अदालत को बताया गया कि तरनतारन जिले के पट्टी क्षेत्र में लगभग 300 ऐसे कृषि कनेक्शन हैं, जहां 24 घंटे मुफ्त बिजली का उपयोग हो रहा है। यह बिजली का उपयोग केवल ट्यूबवेल तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि इस अनियंत्रित मुफ्त बिजली के कारण दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तरफ बिजली की खपत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है।

सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में पंजाब में कुल भूजल रिचार्ज 18.84 बीसीएम था, जबकि दोहन 27.8 बीसीएम तक पहुंच गया, जो स्पष्ट रूप से अधिक है। राज्य की ओर से जवाब देते हुए बताया गया कि लंबे समय से नए कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं।

Related Articles

Back to top button