बस्तर में साक्षरता का महापर्व : 22 मार्च को उल्लास महापरीक्षा में अपना हुनर दिखाएंगे नव-साक्षर
जगदलपुर
बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की अलख जगाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में रविवार 22 मार्च को जिले भर में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत महापरीक्षा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने जिले के जन-जन से जुड़ने और इस अभियान को सफल बनाने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा उन बुजुर्गों और युवाओं के लिए स्वावलंबन की एक नई शुरुआत है, जो किसी कारणवश अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं कर पाए थे।
कलेक्टर श्री छिकारा ने जिले के सभी विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय साक्षरता केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक नव-साक्षरों को इस महापरीक्षा में शामिल करने पर जोर दिया है। उन्होंने मैदानी स्तर पर कार्यरत शिक्षकों, प्रेरकों और स्वयंसेवकों को निर्देशित किया है कि वे घर-घर जाकर परीक्षा के प्रति उत्साह का माहौल बनाएं, ताकि कोई भी नव-साक्षर इस अवसर से वंचित न रह जाए। कलेक्टर का मानना है कि जब जिले का हर नागरिक पढ़ना-लिखना और बुनियादी गणना करना सीख जाएगा, तभी बस्तर विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा हो सकेगा।
इस महापरीक्षा की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण इस प्रकार किया गया है कि सुदूर वनांचलों में रहने वाले प्रतिभागियों को भी परीक्षा देने में कोई असुविधा न हो। आगामी 22 मार्च को होने वाले इस मूल्यांकन में प्रतिभागियों की पढ़ने, लिखने और साधारण अंकगणित की क्षमता को परखा जाएगा, जिसके बाद सफल उम्मीदवारों को बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र न केवल उनकी शैक्षणिक योग्यता का प्रतीक होगा, बल्कि उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास भी पैदा करेगा। कलेक्टर ने जिले के प्रबुद्ध नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने आसपास के नव-साक्षरों को प्रोत्साहित कर परीक्षा केंद्र तक लाने में अपनी सहभागिता निभाएं, ताकि बस्तर जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का सपना साकार हो सके।
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