सरकारी अभियान की सफलता: हरियाणा में बेटियों की संख्या बढ़ी, 3 जिलों में सबसे ज्यादा सुधार

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चंडीगढ़.

हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने में पंचकूला, फतेहाबाद और पानीपत सबसे आगे हैं। वर्ष 2025 में पंचकूला में जन्म के समय लिंगानुपात 971, फतेहाबाद में 961 और पानीपत में 951 रहा। इस दौरान फतेहाबाद में 43, पानीपत में 83 और पंचकूला में 24 स्थानों पर छापे मारकर गर्भ में लिंग जांच और भ्रूण हत्या सहित अनैतिक गतिविधियों के मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने गुरुवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनके प्रति सम्मान बढ़ाने और समाज में लैंगिक समानता स्थापित करने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में जन्म के समय लिंगानुपात 871 था, जो अब बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। यह बदलाव समाज की सोच में आए सकारात्मक परिवर्तन और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इस सुधार के पीछे पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन, अवैध लिंग चयन पर रोक, एमटीपी के दुरुपयोग के विरुद्ध लक्षित कार्रवाई, गर्भावस्था की रिवर्स ट्रैकिंग जैसी पहल और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय शामिल हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से बाल लिंग अनुपात में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा, लिंग-आधारित भेदभाव को समाप्त करना, बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनकी शिक्षा और भागीदारी को प्रोत्साहित करना मुख्य लक्ष्य हैं। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी और निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी ने भी अपनी बात रखी।

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