पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में केरल में भाजपा का प्रचार अभियान

राजनीती

तिरुवनंतपुरम 

 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभियान निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा केरल में एक आक्रामक अभियान की तैयारी कर रही है। इसमें ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के प्रयास में पार्टी अपनी शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व टीम को तैनात कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री समेत अन्य वरिष्ठ नेता केरल पहुंचने वाले हैं, जो 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा का खाता खोलने की पार्टी की दृढ़ता को दर्शाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो त्वरित दौरों पर प्रमुख जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह रैलियों को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेंगे।

भाजपा के अभियान का खाका राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कसर्गोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और त्रिशूर में उच्च दृश्यता वाली पहुंच पर केंद्रित है।

पार्टी अपने हाल के चुनावी लाभों से आत्मविश्वास ले रही है। सबसे प्रमुख है अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने सुरेश गोपी की त्रिशूर लोकसभा सीट पर 70,000 से अधिक मतों से हासिल की गई जीत शामिल है।
इसके बाद दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम निगम पर नियंत्रण हासिल किया, जो इस राज्य में पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहां उसे परंपरागत रूप से स्थान पाने में कठिनाई रही है।

हालांकि आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 15.64 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त किया जबकि 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में यह थोड़ी गिरकर 14.71 प्रतिशत रह गई।
इसके बावजूद, पार्टी उत्साहित बनी हुई है और 2021 विधानसभा चुनावों में नौ सीटों पर दूसरे स्थान पर आने को बढ़ती पकड़ का सबूत मानते हुए लगातार सक्रिय है।

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने विश्वास जताया है कि पार्टी न केवल लंबे समय से चली आ रही चुनावी बाधा को तोड़ेगी बल्कि आगामी विधानसभा में कई सीटें भी जीतेगी।

हालांकि, चुनौतियाँ बरकरार हैं। केरल की अद्वितीय जनसांख्यिकीय संरचना, जहां अल्पसंख्यक जिनमें मुस्लिम और ईसाई शामिल हैं, लगभग 42 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।

पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि समुदाय के नेताओं के साथ सतत संपर्क महत्वपूर्ण होगा क्योंकि राष्ट्रीय नेता आने वाले दिनों में अधिक जुड़ाव बढ़ाएंगे।

जैसे-जैसे अभियान तीव्र होता जा रहा है, भाजपा का यह उच्च-ऊर्जा अभियान यह संकेत देता है कि पार्टी केरल में क्रमिक लाभ को ऐतिहासिक चुनावी पकड़ में बदलने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है।

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