भोपाल
मध्यप्रदेश की शराब कंपनी सोम डिस्टलरीज की हाईकोर्ट में याचिका पर बड़ा अपडेट सामने आया है। केस में जबलपुर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर मामला आगे बढ़ा दिया गया है। सोम डिस्टलरीज Som Distilleries के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही सुनवाई से दो जजों ने खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में कानूनी उलझन उत्पन्न हुई पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस जबलपुर हाईकोर्ट में ही चल रहा है।
रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड प्रदेश की सबसे प्रमुख शराब निर्माता कंपनी है। इनका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। 4 फरवरी को आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किया था।
तत्कालीन आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा था कि सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता व कर्मियों पर देपालपुर (इंदौर) कोर्ट में एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई। इसमें कहा गया कि इंदौर हाईकोर्ट से संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई, पर दोषसिद्धि प्रभावी है।
शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टलरीज Som Distilleries ने इसे चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई से जबलपुर हाईकोर्ट के दो जज जस्टिस विशाल मिश्रा और संदीप एन भट्ट ने खुद को अलग कर लिया जिससे कानूनी उलझन हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ही याचिका पर सुनवाई शुरु हुई।
हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की
हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केस की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई में याचिकाकर्ता सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज और सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। इधर सरकार की ओर से भी शासकीय अधिवक्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुना पर समयाभाव के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसपर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की।
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