केरल में गरजे राजस्थान के CM भजनलाल: नामांकन के दौरान 4 प्रत्याशियों के समर्थन में दिखा दम

राज्य

तिरुवनंतपुरम/जयपुर.

केरलम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम और आसपास के क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने भाजपा के दिग्गज प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करवाए। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा मिले आत्मीय स्वागत ने यह साफ कर दिया कि दक्षिण भारत में भी मुख्यमंत्री शर्मा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

वी. मुरलीधरन के नामांकन में मौजूदगी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरलम के कझाकुट्टम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर पर विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। CM भजनलाल ने विश्वास जताया कि मुरलीधरन का अनुभव और पीएम मोदी का मार्गदर्शन क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहाँ राजस्थान के विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए जनता से 'डबल इंजन' सरकार चुनने की अपील की।

पी. के. कृष्णदास और राजीव चंद्रशेखर के लिए हुंकार
मुख्यमंत्री ने कट्टकडा विधानसभा क्षेत्र से पी. के. कृष्णदास और नेमम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी राजीव चंद्रशेखर के नामांकन समारोह में भी भाग लिया। राजीव चंद्रशेखर के नामांकन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम की जनता ने अब बदलाव का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह राजस्थान में सुशासन और अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है, वैसी ही शुरुआत अब केरलम में होने वाली है।

आर. श्रीलेखा के साथ 'विकसित केरलम' का रोडमैप
वट्टियूरकावु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. श्रीलेखा के नामांकन में मुख्यमंत्री शर्मा की उपस्थिति विशेष रही। उन्होंने श्रीलेखा के प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित केरलम' का होना अनिवार्य है, और श्रीलेखा जैसी सक्षम महिला नेतृत्व ही इसे संभव बना सकती है।

श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन: सनातन संस्कृति का संगम
अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरुवनंतपुरम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य की इस पावन भूमि पर राष्ट्र की समृद्धि और आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ही उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में पिरोती है।

राजस्थान का बढ़ता कद: भजनलाल शर्मा का 'केरल मॉडल'
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भजनलाल शर्मा को केरल भेजने के पीछे पार्टी का उद्देश्य राजस्थान के सफल 'सोशल इंजीनियरिंग' और 'कल्याणकारी योजनाओं' के संदेश को दक्षिण तक पहुँचाना है। राजस्थान में पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई और उज्ज्वला योजना में सब्सिडी जैसे फैसलों की गूँज केरल के चुनावी रैलियों में भी सुनाई दे रही है।

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