न्यू मंगलौर.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आई हैं। अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी (LPG) लेकर चला एक बड़ा कार्गो जहाज कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
न्यू मंगलौर पोर्ट पर अमेरिका से आए इस एलपीजी जहाज का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हैं। शिपिंग मंत्रालय ने इस संकट के दौरान ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 14 से 31 मार्च तक कच्चे तेल और एलपीजी के लिए कार्गो शुल्क माफ करने का भी एलान किया है।
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव, राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में देश को आश्वस्त करते हुए कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। हम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और वर्तमान में किसी भी बंदरगाह पर जाम की स्थिति नहीं है।"
कम हुई रसोई गैस की पैनिक बुकिंग
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी संकट अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मची 'पैनिक बुकिंग' में भारी गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने साफ किया कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार जोखिम भरे रास्तों से भी सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। बुधवार को यह भारतीय कच्चा तेल टैंकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ये दो भारतीय जहाज 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचे थे।
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