बिहार सरकार गठन को लेकर हलचल तेज: चिराग पासवान का बड़ा बयान, सीएम-डिप्टी सीएम पर बनी सहमति

राज्य

पटना
लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार और नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5 घटक दलों के बीच मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। सोमवार की सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि बिहार में नई सरकार को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। याद दिला दें कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद चुन लिए गए हैं और 10 अप्रैल या उसके बाद वो दिल्ली में नई पारी शुरू करेंगे। नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं।

चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सकारात्मक तौर पर कहा कि गृहमंत्री के तौर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और किस भूमिका में उनका मॉडल प्रदेश में दिखेगा, यह समय ही बताएगा। पासवान ने हालांकि यह जरूर कहा कि सरकार जिसके भी नेतृत्व में बनेगी, उसमें नीतीश का अनुभव और मार्गदर्शन जरूर रहेगा। चिराग ने कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन के भीतर तमाम विषयों पर बातचीत चल रही है। गठबंधन से कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन डिप्टी सीएम होगा, इसको लेकर चर्चा ही नहीं, बल्कि मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी।

मौजूदा सीएम नीतीश कुमार इस समय राज्य की यात्रा कर रहे हैं, जिनके साथ मंच पर सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री ने राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है। नीतीश कई जिलों में समृद्धि यात्रा के मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता को प्रणाम करवा रहे हैं। इसे नीतीश की तरफ से सम्राट के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी नए सीएम के चयन में भूमिका से कोई इनकार नहीं कर रहा है। बिहार में बीजेपी के 89 विधायक और जेडीयू के 85 विधायक हैं। यह संख्या बताता है कि सीएम भले भाजपा का हो, उसका चुनाव भी भाजपा अपने तरीके से करे, लेकिन नीतीश की रायशुमारी उसमें महत्वपूर्ण होगी।

नीतीश को 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद उनके पास एमएलसी का पद छोड़ने के लिए 14 दिन का समय था, जिसमें एक सप्ताह बीत चुका है। चर्चा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक इस्तीफा देंगे, जब नई सरकार का गठन होगा। भाजपा और जदयू के नेताओं ने पहले कहा था कि नई सरकार के गठन की बातचीत 26 मार्च के बाद शुरू होगी, जिस दिन यात्रा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नीतीश की सभा पटना में होगी।

 

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