आबकारी व्यवस्था की समीक्षा की
भोपाल
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को मंत्रालय में आबकारी व्यवस्था वर्ष 26-27 की समीक्षा की। वर्ष 26-27 के म.प्र. समस्त मदिरा दुकानों का ई-टेडर एवं ई टेंडर कम ऑक्सन के माध्यम से निष्पादन करने का नीतिगत निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026-2027 के लिए मदिरा दुकानों के वर्ष 2025-26 के वार्षिक मूल्य में आबकारी नीति अनुसार 20 प्रतिशत वृद्धि की जाकर वर्ष 2026-27 के लिए आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिये मदिरा दुकानों से सरकार को 19 हजार 952 करोड़ की प्राप्ति होगी। अब तक कुल 6 चरणों में हुए मदिरा दुकानों के निष्पादन से 11 हजार 827 का आबकारी राजस्व सुनिश्चित हुआ है, जो कि वर्ष 2025-26 वार्षिक मूल्य से 30 प्रतिशत अधिक है।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा को बताया गया कि अब तक उमरिया, सीधी, शहडोल, मडला, डिण्डोरी, खरगौन, आदि जिले सौ प्रतिशत राजस्व निष्पादित हो चुके हैं। कम राजस्व वसूली वाले जिले क्रमश: इन्दौर 78 प्रतिशत, ग्वालियर 79 प्रतिशत, धार 76 प्रतिशत, शिवपुरी 80 प्रतिशत, रीवा 85 प्रतिशत, खण्डवा 82 प्रतिशत, अशोकनगर 82 प्रतिशत सिंगरौली 83 प्रतिशत और नर्मदापुरम 93 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने निर्देशित किया है कि जिन जिलों में राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करना शेष है उनमें भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जिला शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इन जिलों पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के लिये निर्देशित किया। समिति की बैठक में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके उपस्थित थीं। साथ ही प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, आबकारी आयुक्त एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
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