फर्जी खातों का नेटवर्क उजागर: देवास-बड़वानी से जुड़े आरोपी ग्वालियर में पकड़े गए

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर

मुरार के कारोबारी दुर्गाशंकर नागर से 1.41 करोड़ रुपये की सायबर ठगी के मामले में पुलिस ने देवास और बड़वानी से दो आरोपितों को हिरासत में लिया है। इन दोनों ने ठगों को अपने बैंक खाते किराये पर दिए थे। 1.41 करोड़ रुपये में से 14 लाख रुपये इनके बैंक खातों में गए थे।

दोनों से पुलिस अब उनके पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। कारोबारी को फेसबुक पर अंजान युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। बात होने लगी फिर युवती ने गोल्डन काइन कंपनी में निवेश का झांसा दिया।

ईमेल पर एक लिंक मिली। इसके जरिये उन्होंने अलग-अलग बार में 1.41 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा किए। 1.41 करोड़ रुपये बढ़ते-बढ़ते पांच करोड़ रुपये तक पहुंच गए, लेकिन यह बढ़त सिर्फ ठगों द्वारा लिंक से अपलोड कराए गए पे-वालेट में थी। यह डमी वालेट था।

इसमें से रुपये निकालने का प्रयास किया तो नहीं निकले। तब ठगी का पता लगा और कारोबारी ने एफआइआर दर्ज कराई। इस मामले में साइबर क्राइम विंग की टीम पड़ताल कर रही थी।

देवास और बड़वानी के दो बैंक खाते चिह्नित हुए। इनमें दूसरी लेयर में पैसा गया था। पुलिस ने तलाश शुरू की। पुलिस ने देर रात जुब्रान पुत्र आलम शेख निवासी देवास और अकरम पुत्र इस्लाम खान निवासी बड़वानी को पकड़ा।

जुब्रान के खाते में 9.30 लाख रुपये जबकि अकरम के खाते में पांच लाख रुपये गए थे। यह रकम ठगी की ही है। पुलिस ने इस रकम की वापसी के लिए फ्रीज भी कराया लेकिन इससे पहले ही रुपये ठगों के पास पहुंच चुके थे।

 

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