IPL के इतिहास के सबसे थ्रिलिंग फाइनल, 1 रन के अंतर ने बदली किस्मत और बना दिया मैच यादगार

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नई दिल्ली
आईपीएल की देखा-देखी दुनियाभर में इस तरह की कई क्रिकेट लीग खेले जाने लगी है लेकिन जो बात आईपीएल में है वो कहीं और कहां। दुनियाभर के टैलेंट, दिग्गज खिलाड़ी, उभरती हुई नई प्रतिभाएं या यूं कहिए कि भविष्य में सुपर स्टार बनने की कुव्वत रखने वालीं नायाब प्रतिभाओं का शानदार मंच। आईपीएल रोमांचक और यादगार मुकाबलों के लिए जाना जाता है। टूर्नामेंट के इतिहास में तो दो बार ऐसे फाइनल हुए हैं जब जीत-हार का अंतर महज एक रन का रहा। यह भी संयोग है कि सांसें अटका देने वाले उन दोनों ही खिताबी मुकाबलों में जीत का सेहरा बंधा मुंबई इंडियंस के सिर।

आईपीएल इतिहास के इन दो सबसे रोमांचक फाइनल मुकाबलों में मुंबई इंडियंस ने राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स को 1-1 रन के अंतर से हराया था। एमआई ने 2017 में आरपीएस को फाइनल में शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम किया था। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स को 2019 के आईपीएल फाइनल में 1 रन से हराकर झटका दिया था। मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल इतिहास की दो सबसे सफल टीमें हैं। दोनों ने अब तक 5-5 बार टाइटल जीता है।

2017 में MI ने 129 रन को कर लिया था डिफेंड
2017 के आईपीएल में मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपर जॉइंट्स के बीच खिताबी भिड़ंत हुई। मुंबई की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 129 रन बना सकी। क्रुणाल पांड्या ने सबसे ज्यादा 47 रन बनाए। कप्तान रोहित शर्मा ने 24, अंबाती रायडू ने 13 और हार्दिक पांड्या ने 10 रन बनाए थे। इन चारों के अलावा 11वें नंबर पर उतरे मिचेल जॉनसन ही दहाई का आंकड़ा पार कर पाए थे जिन्होंने नाबाद 13 रन बनाए थे।

जवाब में राइजिंग पुणे सुपरजॉइंट्स ने 10 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 119 रन बना लिए थे। आखिरी ओवर में उसे जीत के लिए 11 रनों की दरकार थी। स्टीव स्मिथ तब 51 रन बनाकर खेल रहे थे और मनोज तिवारी 3 रन पर।

मुंबई की तरफ से मिचेल जॉनसन आखिरी ओवर फेंकने आए। पहली ही गेंद पर मनोज तिवारी ने चौका जड़ दिया। अब आरपीएस को जीत के लिए 5 गेंदों में 7 रन की जरूरत थी। अगली ही गेंद पर जॉनसन ने तिवारी को कैच आउट करा दिया। उसकी अगली ही गेंद पर स्टीव स्मिथ भी चलते बने। अब 3 गेंदों में 7 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर बाई के रूप में आरपीएस को एक रन मिला। पांचवीं गेंद पर 2 रन। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए 3 रन की दरकार थी। आरपीएस के बल्लेबाज दो रन तो दौड़कर पूरे कर लिए लेकिन तीसरे रन के चक्कर में वॉशिंगटन सुंदर रन आउट हो गए। मुंबई 1 रन से मैच जीती और आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया।

मुंबई की तरफ से मिचेल जॉनसन ने सबसे ज्यादा 3 और जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए। लेग स्पिनर करण शर्मा को कोई विकेट तो नहीं मिला लेकिन उनकी कसी हुई किफायती गेंदबाजी ने मुंबई की जीत में बड़ा रोल निभाया। शर्मा ने 4 में सिर्फ 18 रन दिए थे।

जब रोमांचक फाइनल में धोनी की CSK पर भारी पड़ी थी MI
2019 का आईपीएल फाइनल भी बहुत ही रोमांचक रहा था। उस बार भी मुंबई इंडियंस ने 1 रन से जीत हासिल की थी लेकिन तब उसके सामने थी महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई सुपर किंग्स।

मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए थे। जवाब में फाफ डु प्लेसी और शेन वॉटसन ने सीएसके की पारी की शुरुआत की। फाफ 26 रन बनाकर आउट हुए। शेन वॉटसन एक छोर से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन उन्हें किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। आखिरकार वॉटसन 59 गेंद में 80 रन बनाकर रन आउट हो गए और उसी के साथ चेन्नई की उम्मीदें भी धूमिल हो गईं। फाफ डु प्लेसी, शेन वॉटसन और ड्वेन ब्रावो के अलावा सीएसके का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। ब्रावो ने 15 रन बनाए थे।

चेन्नई सुपर किंग्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 9 रन चाहिए थे और उसके पास 5 विकेट शेष थे। लसिथ मलिंगा ने मुंबई की तरफ से आखिरी ओवर डाला। वॉटसन और रविंद्र जडेजा खेल रहे थे। पहली गेंद पर वॉटसन ने सिंगल लिया। दूसरी गेंद पर जडेजा ने भी एक रन दौड़कर पूरा किया। तीसरी गेंद पर वॉटसन ने दो रन लिए। अगली गेंद पर वॉटसन दो रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए। पांचवी गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने 2 रन भाग लिए। अब आखिरी गेंद पर सीएसके को जीत के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे लेकिन मलिंगा ने शार्दुल ठाकुर को एलबीडब्लू आउट करके मुंबई को जिता दिया।

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