महिला सम्मान का असली अर्थ तब होगा जब महिलाओं के खिलाफ अपशब्द बंद होगा” : एआईजी सिंह

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग का 28वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। राज्य शासन द्वारा 23 मार्च 1998 को मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की स्थापना की गई थी। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।

एआईजी महिला सुरक्षा शाखा  बीना सिंह, ने कहा कि आज समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण तेजी से बदल रहा है। अब लगभग सभी विभागों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है और वे हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन महिलाओं के खिलाफ बोले जाने वाले अपशब्द बंद हो जाएंगे, उसी दिन वास्तविक अर्थों में महिला सम्मान स्थापित होगा।

आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने कहा कि लैंगिक भेदभाव, पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग तथा अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम में संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास मती नकी जहां कुरैशी, POSH की विशेषज्ञ मती भावना त्रिपाठी और शिखा छिब्बर, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, जवाहर बाल भवन के बच्चे तथा आयोग कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

समारोह में विशेष रूप से उन पुरुषों को भी सम्मानित किया गया, जो समाज में जेंडर समानता के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस क्रम में उदय सामाजिक संस्था के  सोनू सोलंकी, आरंभ संस्था के  विजय यादव,  रोहित बेड़िया और  जितेन्द्र राजाराम को लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा के विरुद्ध जागरूकता, सेनेटरी नैपकिन उपलब्धता तथा बेड़िया समुदाय की महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए विशेष कार्यों के लिए महिला आयोग द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महिला अधिकारों की सुरक्षा और समाज में समानता की भावना को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

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