नक्सलवाद के अंत की समय सीमा तय, गृहमंत्री की चेतावनी—बाद में भी जरूरी रहेगी सावधानी

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर रवाना हुए, जहां उनके सामने कुख्यात नक्सली लीडर अपने साथियों के साथ सरेंडर करेंगे। रवानगी से पहले विजय शर्मा ने कहा, 8 एके 47 और अन्य हथियारों और साथियों के साथ आज पापाराव का पुनर्वास है। समाज के सामने आत्मसमर्पण होगा। मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करूंगा।

नियत समय 31 मार्च तक समूचे छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म होगा। 30-35 जो छिटपुट नक्सली बचे हैं उनका भी पुर्नवास होगा। नक्सल लीडर गणपति अभी कहां है पता नहीं, मिशीर भी अभी बचा है। 31 मार्च की रात कोई हैप्पी न्यू ईयर नहीं है। 31 मार्च के बाद भी एहतियात तो बरतना ही होगा। सुप्रीम कोर्ट के धर्मांतरण को लेकर दिए आदेश पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया मगर यह प्रक्रिया पुरानी है। अगर कोई व्यक्ति इस्लाम या ईसाई समाज में जाएगा तो उनको SC समाज के मिलने वाले बेनिफिट नहीं मिलेंगे इसलिए संस्कृति बहुत ही महत्वपूर्ण है।

गांव-गांव में विभेद उत्पन्न हो गए हैं। माओवाद पहले वर्ग संघर्ष प्रारंभ करना चाहता था, मगर नहीं कर पाया, वहीं धर्मांतरण ने यह वर्ग संघर्ष खड़ा कर दिया। वर्ग संघर्ष के चलते आदिवासी समाज के बड़े तपके की मांग है कि डीलिस्टिंग होनी चाहिए। अब निर्णय क्या होता है संविधान के आधार पर यह न्यायालय बताएगा।

अफीम मामले में बोले – व्यक्ति का नहीं कानून का होता है राज
अफीम की खेती पर कलेक्टरों की रिपोर्ट को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, कबसे यह चल रहा है इसको निकालना है।व्यक्ति का राज नहीं होता, कानून का राज होता है। दुर्ग के बाद बलरामपुर और रायगढ़ में भी कार्रवाई हुई। सीएम साय ने कलेक्टरों को आदेश किया था कि जहां भी गड़बड़ी हुई हो वहां कार्रवाई करें। जल्द इसको इंटीग्रेटेड कर सोचा जाएगा कि यह कैसे हो रहा है। अगर कोई गैंग इसके पीछे है तो उसे नेस्तानाबूत किया जाएगा।

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