पटना.
बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए अब नए नियम बनाए हैं। विभागों को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक के पेंशन फॉर्म के साथ एक चेक लिस्ट बनानी होगी और इसके बाद इसे महालेखाकार (एजी) कार्यालय को भेजना होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार की जानकारी में यह बात लाई गई थी कि महालेखाकार कार्यालय को अक्सर अधूरे या गलत भरे हुए पेंशन फॉर्म भेजे जाते हैं। जिसे मजबूरी में महालेखाकर को सरकार को वापस कर देना पड़ता है। इस वजह से कर्मचारियों को पेंशन और अन्य सेवांत लाभ मिलने में अनावश्यक देरी होती है। जिसके बाद अब सरकार ने समस्या दूर करने के लिए एक जांच सूची (चेक लिस्ट) तैयार की गई है।
सरकार लेकर आई नया नियम
अब हर विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन फॉर्म पूरी तरह सही और पूरा भरा हो। इस जांच सूची को भरकर पेंशन फॉर्म के साथ अनिवार्य रूप से भेजना होगा। सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी और कोषागार अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए जरूरी निर्देश दें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिहार सचिवालय सेवा नियमावली, 2010 के अनुसार जिस विभाग में कर्मचारी कार्यरत हैं, वही विभाग उसके रिटायरमेंट से जुड़े सभी लाभों के लिए जिम्मेदार होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से पेंशन में होने वाली देरी खत्म होगी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सकेगा।
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