सरकारी आवास अधूरा छोड़ना पड़ा भारी: निगम ने थमाए नोटिस, होगी रिकवरी

छत्तीसगढ़ रायपुर

राजनांदगांव.

प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के बीएलसी के पात्र हितग्राही जिन्होने किस्त की राषि लेने के उपरांत भी अपने आवास निर्माण कार्य को आगामी स्तर तक नही पहुँचाए है उनपर अब प्रशासन देय राशि वसूलने की कार्यवाही कर रही है.
नगर पालिक निगम राजनांदगांव में योजना अंतर्गत बी. एल. सी. के तहत 7956 आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई थी.

उस स्वीकृति के विरूद्ध 7778 पूर्ण एवं 178 आवास अलग अलग स्तरो पर बाहर के विभिन्न वार्डो में निर्माणाधीन है. इन्ही निर्माणाधीन आवासो में से 145 आवास पिछले चार वर्शो से अपने निर्माण की गती को आगे नही बढ़ाने के कारण निकाय की प्रगति धूमिल भी हो रही है. राषि लेकर आवास निर्माण कार्य नहीं करने वाले हितग्राहियों पर अब प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विभागीय प्रक्रिया कराकर आवास निर्माण की गति को आगे नही बढ़ाने वाले हितग्राहियों से राशि वसूलने या निर्माण काम मे गति लाने उन्हे नोटिस जारी कर तहसील कार्यालय में उपस्थित होने 145 हितग्राहियों से कहा गया. जिस पर 17 हितग्राही तहसील कार्यालय में उपस्थित हुए.

एसडीएम गौतम चंद पाटिल ने 24 मार्च को अपने कार्यालय में योजना का लाभ लेकर लापरवाही बरतने वाले, शासकीय धन का दुरूपयोग करने वाले 17 हितग्राहियो की विशेष पेशी ली और दो टूक शब्दों में उन्हें चेतावनी दी कि आवास निर्माण कार्य में गति लावे या राशि निगम कोष में जमा करे. यदि राशि अन्य कार्यो में खर्च किया तो कड़ाई से वसूली की जावेगी और संपत्ति की नीलाम की जायेगी.

पेशी के दौरान यह बात सामने आई की बहुत से हितग्राहियों ने प्रथम किस्त की राशि प्राप्त तो कर ली, लेकिन अपने आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा कर अन्य निजी कार्यो में खर्च कर दिया. एसडीएम ने इसे शासकीय राशि का दुरूपयोग मानते हुए सख्त निर्देश दिए है कि 10 अप्रैल 2026 तक अगर आवास निर्माण स्तर आगे नहीं बढ़ाते तो इनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने कि बात पेशी के दौरान संबंधित हितग्राहियो से की गयी.

आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि योजना का उद्देष्य निकाय के सभी गरीब जरूरतमंद परिवारो को उनकी स्वमं की पक्का आवास निर्माणा में सहयोग भूमि पर करना है . निकाय स्तर पर 145 ऐसे हितग्राही है जो पिछले 2 से 3 वर्षों से आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा रहे, ऐसे सभी हितग्राहियों को लगातार निकाय स्तर पर समझाइस एंव नोटिस दी गयी पर वे इस पर गंभीर नहीं थे. इस कारण अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से नोटिस प्रदान कर लापरवाही करने वाले हितग्राहियों पर ये कार्यवाही की गयी.

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