नई दिल्ली
बैडमिंटन जगत से फैन्स के लिए एक निराशाजनक सामने आई है. स्पेन की दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन ने 15 साल के शानदार करियर के बाद प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. 32 वर्षीय मारिन ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि लगातार घुटने की चोट ने उन्हें यह कठिन फैसला लेने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा कि वह अपने करियर का अंत अलग तरीके से करना चाहती थीं, लेकिन हालात ने उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया।
कैरोलिना मारिन ने कहा, 'मैं चाहती थी कि मेरा करियर किसी और तरह खत्म हो, लेकिन जिंदगी हमेशा वैसी नहीं होती जैसी हम चाहते हैं.' मारिन के करियर को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब वह 2024 पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल के दौरान ACL इंजरी का शिकार हो गईं. इस चोट ने उन्हें लंबे समय तक कोर्ट से दूर कर दिया और वह वापसी नहीं कर सकीं।
कैरोलिना मारिन करियर का आखिरी मुकाबला अपने होमटाउन ह्यूएलवा में होने वाले यूरोपियन चैम्पियनशिप में खेलना चाहती थीं, लेकिन फिटनेस के कारण यह सपना अधूरा रह गया. उन्होंने कहा कि भले ही वह रैकेट के साथ कोर्ट पर विदाई नहीं ले पाईं, लेकिन अपने शहर के साथ इस खास पल को साझा करना उनके लिए भावनात्मक रहेगा।
रियो ओलंपिक में सिंधु को हराया
भारतीय स्टार पीवी सिंधु के साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता बैडमिंटन इतिहास की सबसे चर्चित राइवलरी में से एक रही. खासकर 2016 के रियो ओलंपिक में बैडमिंटन सिंगल्स स्पर्धा का फाइनल, जिसमें मारिन ने सिंधु को हराकर गोल्ड जीता था।
कैरोलिना मारिन का करियर उपलब्धियों से भरा रहा. मारिन 3 बार वर्ल्ड चैम्पियन (2014, 2015, 2018) बनीं. जबकि उन्होंने 7 बार यूरोपियन चैम्पियनशिप जीतीं. मारिन 66 हफ्तों तक वर्ल्ड नंबर-1 रहीं. उन्होंने रियो ओलंपिक (2016) में बैडमिंटन विमेंस सिंगल्स स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता. इसके साथ ही मारिन बैडमिंटन महिला सिंगल्स में ओलंपिक गोल्ड जीतने वाली पहली नॉन-एशियन खिलाड़ी बनीं। कैरोलिना मारिन का संन्यास बैडमिंटन के एक स्वर्णिम युग का अंत है. उन्होंने न सिर्फ खिताब जीते, बल्कि अपने खेल और जज्बे से दुनिया भर के खिलाड़ियों को प्रेरित किया।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

