राज्यसभा क्रॉस वोटिंग के बाद मेवात में भाजपा में शामिल हो सकते हैं 2 मुस्लिम विधायक, सियासी माहौल गरमाया

राज्य

मेवात 
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने मेवात की राजनीति को गरमा दिया है। यहां से कांग्रेस के दो विधायकों के नाम सामने आने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर बहस जारी है। भाजपा इसे अपने विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है।

कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है, जिनमें जिला पलवल की हथीन सीट से विधायक इसराइल और जिला नूंह की पुन्हाना सीट से विधायक इलियास शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि इन विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय दूसरे प्रत्याशी को वोट दिया। इसके बाद पार्टी ने सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इसराइल ने साफ किया है कि उन्होंने अपनी पसंद से वोट दिया और यह उनका अधिकार है। उन्होंने फिलहाल पार्टी छोड़ने की अटकलों से इनकार किया है और कहा कि आगे का फैसला जनता की राय के अनुसार होगा।
इलियास की सक्रियता से बढ़ी अटकलें

विधायक इलियास की हालिया गतिविधियों ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात को कई लोग नए राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि वह अपने बेटे को राजनीति में आगे लाने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए पार्टी बदलने का विकल्प भी खुला रख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।
भाजपा की नजर मेवात के सियासी समीकरण पर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा मेवात क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। क्रॉस वोटिंग की घटना को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भी चर्चा है कि जिस निर्दलीय उम्मीदवार को वोट मिला, उसे भाजपा का समर्थन प्राप्त था। ऐसे में कांग्रेस विधायकों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है और अब उसे नए अवसर दिखाई दे रहे हैं।
क्रॉस वोटिंग मामला हाईकमान तक पहुंचा

सूत्रों के अनुसार हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग का मामला अब राहुल गांधी तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया है, जहां विस्तार से चर्चा होगी। जिन पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पार्टी उन्हें निष्कासित करने या इस्तीफा लेने का फैसला भी कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।
दल बदल की पुरानी परंपरा, नए संकेत

मेवात में पहले भी कई बड़े नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जाकिर हुसैन, आजाद मोहम्मद, नसीम और एजाज जैसे नाम इसके उदाहरण हैं। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को भी उसी क्रम में देखा जा रहा है। भाजपा इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए स्थानीय प्रभावशाली नेताओं को साथ जोड़ने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है।

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