दंगल का आगाज़! खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आज से कुश्ती, 144 पहलवानों की टक्कर

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के चौथे दिन आज कुश्ती स्पर्धा का आगाज होगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में देशभर से आए पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतियोगिता में 30 राज्यों के कुल 144 पुरुष और महिला रेसलर्स हिस्सा ले रहे हैं। मुकाबले आज से 31 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, कुश्ती के मैच रोजाना तीन चरणों में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत हर दिन सुबह 8 बजे से होगी, जिसमें अलग-अलग भार वर्गों में खिलाड़ी आमने-सामने होंगे। अंबिकापुर में शुरू हो रही कुश्ती स्पर्धा खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी, जहां देशभर के युवा पहलवान पदक के लिए कड़ी टक्कर देते नजर आएंगे।

30 राज्य और कुल नौ खेल
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे। कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।

यहां पर होंगे आयोजन
करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी। भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा कि “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।” हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”

चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”

आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम 
राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने कहा कि “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”

ट्रायल्स से हुआ चयन
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों की ओर से आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई)की तरफ से नियुक्त कोच नजर रखेंगे। तिर्की ने कहा कि हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

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