अब स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस! बिहार के छात्रों को सिखाए जाएंगे मशीन लर्निंग और डिजिटल कौशल

राज्य

पटना.

राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रोग्राम लागू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है। यह प्रोग्राम एनसीईआरटी के तैयार मॉडल पर आधारित होगा। इस मॉडल में दीक्षा प्लेटफार्म में आई से वीडियो सर्च और रीड-अलाउड टूल जैसी सुविधाएं हैं, जो छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। कक्षा आठ से 12 के छात्र-छात्राओं को एआइ और डिजिटल कौशल सिखाता है, ताकि वे भविष्य के लिए तैयार हों।

स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल
शिक्षा विभाग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रसार दुनिया भर में तेजी से हो रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए आई एजुकेशन प्रोग्राम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने भी स्कूली छात्रों को एआई एजुकेशन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय स्तर पर स्किलिंग फार एआइ रीडनेस प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के माध्यम से कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को एआइ एजुकेशन उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रोग्राम के तहत कक्षा छह से 12 तक के स्कूली छात्रों को कई महत्वपूर्ण बातें सिखाई जाएंगी। इसमें मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, एआई के जिम्मेदाराना उपयोग जैसी बुनियादी बातें शामिल हैं। इसके करिकुलम को ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

एआई प्रोग्राम के तीन मॉडल
स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम में स्कूली छात्रों के लिए तीन माड्यूल बनाए गए हैं, जो प्रत्येक 15 घंटे का है।इसमें एआई टू बी अवेयर, एआई टू एक्वायर और एआई टू एस्पायर शामिल है। इसी तरह स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम है। 
इस प्रोग्राम में जनरेटिव एआई, एआई की मूल बातें, प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत, दैनिक जीवन में एआई, साइबर सुरक्षा और एआइ में करियर के अवसर जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।

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