जालंधर
नई एक्साइज पॉलिसी 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है, इससे पहले शहर में शराब के ठेकों पर सस्ती दरों पर बिक्री ने लोगों को आकर्षित किया, जिसके चलते दिनभर और देर रात तक ठेकों पर भारी भीड़ देखने को मिली। पुराने ठेकों की समयावधि समाप्त होने के कारण ठेकेदारों द्वारा स्टॉक निकालने के लिए शराब कम कीमतों पर बेची गई, जिसका लोगों ने जमकर फायदा उठाया।
शहर के विभिन्न इलाकों में ठेकों पर ऐसा माहौल देखने को मिला मानो मेला लगा हो। सुबह से ही ठेकों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और शाम होते-होते यह भीड़ और बढ़ गई। कई स्थानों पर लोगों ने बिना किसी रोक-टोक के पेटियों के हिसाब से शराब खरीदी। दोपहिया वाहनों पर भी लोग शराब की पेटियां ले जाते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, अलग-अलग ग्रुपों के ठेके समाप्त होने के कारण शराब बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध थी। हालांकि, एक्साइज नियमों के तहत एक व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही शराब बेचने का प्रावधान है, लेकिन कई स्थानों पर इन नियमों की पालना होती नजर नहीं आई। इससे यह साफ हुआ कि सस्ती शराब के कारण मांग अचानक बढ़ गई।
एक्साइज विभाग द्वारा ढोल या अन्य प्रचार माध्यमों पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी थी, जिसके चलते ठेकों पर किसी प्रकार का औपचारिक प्रचार नहीं किया गया। इसके बावजूद भारी भीड़ इस बात का संकेत दे रही थी कि सस्ती शराब की जानकारी लोगों तक अपने आप पहुंच गई थी। विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन हालात को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने और नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की जरूरत महसूस की जा रही थी।
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