दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन सोमवार से, लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी पर मंथन के लिए जुटेंगे युवा विधायक

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल. 
राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़  एवं राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन  30-31 मार्च को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम सफल एवं सुचारु रूप से संपन्न हो इस के लिये संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।इस अवसर पर विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा भी उपस्थित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन करना है। सम्मेलन में लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश में इस तरह का युवा विधायक सम्मेलन होना गर्व की बात है। सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पहले दिन तीन और दूसरे दिन दो सत्र होंगे। सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र वाले मध्यप्रदेश के 37, राजस्थान के 13 और छत्तीसगढ़ के 13 विधायक शामिल होंगे। सम्मेलन 30 मार्च 9:30 बजे से प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी होंगे शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के प्रथम दिवस ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने के लिये युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर मंथन होगा। प्रथम दिवस माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी युवा विधायकों को संबोधित करेंगे।

सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047− युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। इस दिन अन्य सत्रों के अलावा एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन होगा। समापन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उपस्थित रहेंगे।

 

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