चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: CREST प्रोजेक्ट डायरेक्टर की गिरफ्तारी, पैसों के लेनदेन की पड़ताल जारी

राज्य

चंडीगढ़.

83 करोड़ रुपये के चर्चित क्रेस्ट घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था।

पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि पर धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि क्रेस्ट के खातों से रकम शेल कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर की गई रकम का हिस्सा अबरोल के अपने खातों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबी लोगों के भी अकाउंट्स में पहुंचा था। पुलिस अब इस घोटाले की मनी ट्रेल और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

फरार अकाउंट अफसर की तलाश में करनाल में रेड
निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि इसी घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की टीम से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट अफसर नलिनी मलिक को पकड़ने के लिए करनाल में दबिश दी है। हालांकि वह मौके से फरार बताई जा रही है। पुलिस को शक है कि वह किसी रिश्तेदार के घर ठहरी हुई थी। ऐसे में पुलिस की टीम उस घर पर पहुंची और आसपास पूछताछ की।

यह कार्रवाई नगर निगम में 116.84 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी और क्रेस्ट में करीब 75.16 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले में हुई पूछताछ के बाद की गई है। वहीं, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपितों ने जांच के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस के मुताबिक कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिन पर फर्जी कंपनियों और खातों के जरिए सरकारी धन के लेनदेन का आरोप है।

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