सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास की परीक्षा संपन्न छात्रों ने पेपर को बताया संतुलित और स्टूडेंट फ्रेंडली

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दिल्ली

सीबीएसई की ओर से आयोजित कक्षा 12 की इतिहास परीक्षा आज 30 मार्च को सफलतापूर्वक खत्म हो गई। परीक्षा के बाद छात्रों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई। ज्यादातर छात्रों ने पेपर को आसान से मीडियम बताया और कहा कि इस बार सवाल सीधे रटने वाले नहीं थे, बल्कि समझ और सोचने की क्षमता को परखने वाले थे। इस बार इतिहास के पेपर में सबसे खास बात यह रही कि इसमें सिर्फ घटनाओं की तारीख याद रखने के बजाय उनके पीछे की सोच और कॉन्सेप्ट को समझना ज्यादा जरूरी था। छात्रों का कहना था कि अगर उन्होंने पूरे साल ध्यान से पढ़ाई की थी और विषय को समझा था तो पेपर काफी सहज लगा।

MCQ और बाकी सेक्शन का लेवल कैसा रहा
इतिहास के पेपर में कुल 21 MCQ पूछे गए, जिनमें से लगभग 18 सवाल आसान थे। हालांकि 3 सवाल ऐसे थे जो स्टेटमेंट बेस्ड थे और उनमें थोड़ा दिमाग लगाना पड़ा। साथ ही एक सवाल सांची स्तूप से जुड़ा पिक्चर बेस्ड था, जो छात्रों के लिए दिलचस्प भी रहा और थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी। 3 मार्क्स वाले सवालों को छात्रों ने मीडियम बताया क्योंकि सवाल भले ही छोटे नंबर के थे, लेकिन उनके जवाब थोड़े लंबे थे। वहीं 8 मार्क्स वाले सवाल ज्यादातर आसान रहे बस एक दो सवालों में थोड़ी कठिनाई आई।

सोर्स बेस्ड और केस स्टडी सवाल कैसे रहे
पेपर में शामिल सोर्स बेस्ड और केस स्टडी सवाल काफी हद तक आसान रहे, लेकिन उनकी लंबाई थोड़ी ज्यादा थी। छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि इन सवालों में दिए गए पैसेज और एक्सट्रैक्ट NCERT के पैटर्न से मिलते जुलते थे, जिससे उन्हें समझना आसान हो गया। इन सवालों ने छात्रों की इंटरप्रिटेशन और रीजनिंग स्किल को अच्छे से परखा।

मैप बेस्ड सवाल भी रहा स्कोरिंग
मैप वर्क से जुड़ा सवाल भी पेपर का एक अहम हिस्सा था। जिन छात्रों ने मैप प्रैक्टिस अच्छे से की थी, उनके लिए यह सवाल काफी आसान और स्कोरिंग साबित हुआ। इसमें ऐतिहासिक जगहों की पहचान और लोकेशन बतानी थी जो सिलेबस के अनुसार ही थी।

ऐसा माना जा रहा है कि पेपर अच्छी तरह से डिजाइन किया गया था। शॉर्ट और लॉन्ग आंसर सवाल महत्वपूर्ण टॉपिक्स से पूछे गए थे, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी दिखाने का पूरा मौका मिला। लॉन्ग आंसर सवालों में इंटरनल चॉइस भी दी गई थी, जो छात्रों के लिए काफी मददगार रही। इससे वे अपनी सुविधा के अनुसार सवाल चुन पाए।

छात्रों के लिए कैसा रहा ओवरऑल एक्सपीरियंस
कुल मिलाकर इतिहास का पेपर छात्रों के लिए संतुलित रहा। इसमें फैक्ट्स, कॉन्सेप्ट और एनालिसिस तीनों का अच्छा मिश्रण देखने को मिला। पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान, बल्कि ऐसा था जो छात्रों की असली समझ और तैयारी को जांच सके।

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