स्वच्छता में टेक्नोलॉजी का तड़का, हरियाणा में सफाई मशीनों पर कैमरे और यूनिफॉर्म अनिवार्य

राज्य

चंडीगढ़.

हरियाणा में स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी। सभी सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू किया जाएगा और साथ ही नई जगह भी तलाशी जाएंगी। बरसाती मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाएंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिए गए। इस दौरान वर्षा से पहले ड्रेन को सफाई, जल निकासी और सफाई व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। ऐसे स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। बैठक में बताया गया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरआइएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है।

जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम कारगर रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू की जाएगी।

गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर सुनिश्चित किया जाएगा कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक मुकुल कुमार ने भी अपनी बात रखी।

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