धार
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत लोकायुक्त इंदौर की टीम ने मंगलवार को धार में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के अमीन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपित पट्टा स्वीकृति के नाम पर आवेदक से 30 हजार रुपए की मांग कर रहा था।
10 हजार रुपए की पहली किस्त लेते समय पकड़ में आ गया। कार्यालय में अवकाश होने के कारण आरोपित ने आवेदक को धार के प्रकाश नगर स्थित उसके किराए के मकान पर बुलाया। लोकायुक्त टीम पहले से ही आसपास तैनात थी, तत्काल ही धरदबोचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम आमला निवासी 36 वर्षीय किसान दयाराम पटेल ने इंदौर लोकायुक्त के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम के तालाब की रिक्त भूमि पर खेती के लिए पट्टा लेने के लिए जल संसाधन विभाग धार में पदस्थ अमीन राज दिनकर से संपर्क किया गया था।
इस दौरान आरोपित ने आवेदन लेने के बाद पट्टा स्वीकृत कराने के लिए 30 हजार रु रिश्वत की मांग की, जबकि नियमानुसार इस प्रक्रिया में मात्र 5 से 7 हजार रु का खर्च आता है। आवेदक रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और आरोपित को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था।
शिकायत की पुष्टि उप पुलिस अधीक्षक स्तर पर कराई गई, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद 31 मार्च मंगलवार को लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्यालय में अवकाश होने के कारण आरोपित ने आवेदक को धार के प्रकाश नगर स्थित उसके किराए के मकान पर बुलाया।
लोकायुक्त टीम पहले से ही आसपास तैनात थी। जैसे ही आरोपित राज दिनकर ने आवेदक से 10 हजार रु अपने दाहिने हाथ में लिए, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, कमलेश परिहार, अनिल परमार और रामेश्वर निंगवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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