पुस्तक माफिया बेनकाब: MRP छिपाकर महंगी किताबें बेच रहे थे, विभाग ने की सख्त कार्रवाई

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर

पाठ्यपुस्तकों की वास्तविक कीमत पर स्याही लगाकर अधिक मूल्य पर उन्हें पुस्तक मेले में विक्रय करने वाले आदर्श स्टेशनरी स्टोर्स के संचालक और निजी स्कूल कंगारू किड्स स्कूल के संचालक के खिलाफ ग्वालियर में एफआइआर दर्ज कराई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने गोला का मंदिर थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इससे पहले दोनों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की गई है।

बिना मूल्य और प्रकाशक के बेचे जा रहे थे सेट

पुस्तक मेले के पहले ही दिन गत 25 मार्च को एक अभिभावक ने शिकायत की कि उसने अपने बच्चे के लिए आदर्श स्टेशनरी स्टोर से कंगारू किड्स स्कूल सिटी सेंटर की किताबों और स्टेशनरी का सेट 8750 रुपये में खरीदा है। किताबों व स्टेशनरी पर मूल्य अंकित नहीं है और प्रकाशक का नाम भी नहीं है। शिक्षा विभाग की टीम ने तुरंत आदर्श स्टेशनरी स्टोर के स्टाल पर जाकर पुस्तकों के बॉक्स को खोला। चेक किया तो शिकायत सही पाई गई। इस पर टीम ने 26 मार्च को कंगारू किड्स स्कूल में जाकर भी जांच की।

संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी शिकंजा

इसके बाद आदर्श स्टेशनरी स्टोर के संचालक धनराज सेवानी व स्कूल के संचालक उदित गायकवाड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिसों का जवाब संतोषजनक न मिलने पर धनराज सेवानी व उदित गायकवाड़ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। शिक्षा विभाग के पास कई शिकायतें आईं कि दुकानदार किताबों के प्रिंट मूल्य पर नए मूल्य का स्टीकर लगाकर विक्रय कर रहे हैं। इस पर दुकानदारों का कहना है कि प्रकाशक ने ही स्टीकर लगाए हैं। वे ऐसी किताबों को वापस कर नई किताबें मंगाएंगे।

अभिभावकों को वापस कराई जाएगी अधिक ली गई धनराशि

शिक्षा विभाग ने कहा है कि जिन अभिभावकों ने 30 मार्च को शाम 6.30 बजे तक किताबें खरीदी हैं और उनमें एमआरपी की जगह पर स्टीकर लगाकर अधिक मूल्य अंकित हैं, तो वे मेला कंट्रोल रूम में पहुंचकर अपनी शिकायत तीन अप्रैल तक दर्ज करा सकते हैं। जो शिकायतें मिलेंगी, उनमें नियमानुसार मूल्य वापसी कराई जाएगी।

पुस्तक विक्रेताओं में मचा हड़कंप

शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग व प्रशासन की टीम ने 29 मार्च को आदर्श स्टेशनरी स्टोर को सील कर दिया था और नोटिस जारी किया था। 24 घंटे में जवाब मांगा था। इस कार्रवाई से पुस्तक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पिछले साल स्कूलों पर एफआइआर हुई थी, लेकिन इस बार एक दुकानदार भी कार्रवाई की जद में आया है।

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