भूमि पेडनेकर: मेन स्ट्रीम सिनेमा के मुकाबले ओटीटी पर अभिनेत्रियों के लिए बेहतर रोल्स

मनोरंजन

मुंबई 

 मायानगरी के सिनेमा के सपने को पूरा करने का ख्वाब अब दिल्ली में भी देखा जा सकेगा क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पहली बार दिल्ली में हो रहा है। 31 मार्च तक चलने वाले महोत्सव में सितारों का मेला लग रहा है। सोमवार को 'टॉयलेट : एक प्रेमकथा' और 'दम लगाके हईशा' जैसी फिल्मों में लीड रोल निभा चुकीं भूमि पेडनेकर और अभिनेता मानव विज समारोह का हिस्सा बने। भूमि पेडनेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहली बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा बनकर खुशी महसूस हो रही है। दिल्ली को इस फिल्म फेस्टिवल की सबसे ज्यादा जरूरत है, और आज सरकार और इस समारोह से जुड़े लोगों की मेहनत ने कलाकारों और निर्माताओं को बड़ा मंच दिया है। भले ही मैं मुंबईवासी हूं, लेकिन मेरा दिल दिल्ली के लिए धड़कता है।

ओटीटी और सिनेमा में आए बदलाव पर अभिनेत्री ने कहा कि ओटीटी पर जितने भी किरदार एक्सपेरिमेंटल मिलते हैं, वो राइटर की बदौलत मिलते हैं, क्योंकि वो वैसे किरदारों को लिखते हैं, हमें बस सही किरदार का चुनाव करना होता है, लेकिन मेन स्ट्रीम सिनेमा में महिलाओं के लिए उतने अच्छे और एक्सपेरिमेंटल रोल नहीं मिल पा रहे हैं, जितने ओटीटी पर मिल रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि मेन स्ट्रीम सिनेमा में यह बदलाव भी जल्द से जल्द आएगा।

पंजाबी अभिनेता मानव विज भी महोत्सव का हिस्सा बने और उनकी फिल्म 'मां जाए' की स्पेशल स्क्रीनिंग भी रखी गई। मीडिया से बात करते हुए अभिनेता ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए बहुत खास है और किरदार को जीवंत करने के लिए उन्होंने पूरी जान लगा दी थी। मुझे पता था कि फिल्म अच्छी साबित होगी, लेकिन यह नहीं पता था कि फिल्म को इतना सम्मान भी मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली को जरूरी बताते हुए अभिनेता ने कहा, इसी महोत्सव की वजह से अच्छा सिनेमा सामने आ पाता है और दूसरों को भी अच्छी फिल्म बनाने की प्रेरणा मिलती है। आप किसी चीज की बेहतरी तभी कर सकते हैं, जब उसे बेहतर मंच मिलेगा।

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