अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर को अल्स्टर यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट से किया सम्मानित और 60 साल पुराने उस शहर के किस्से ने भावुक किया

मनोरंजन

बॉडीबिल्डर और हॉलीवुड एक्शन स्टार को हाल ही उत्तरी आयरलैंड की अल्स्टर यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उसी शहर में दिया गया, जहां 60 साल पहले अर्नोल्ड को पहली बार लोगों के सामने अंग्रेजी में बोलना पड़ा था और हालत खराब हो गई थी। उन्होंने किस्सा सुनाया है।

'टर्मिनेटर' जैसी कई फिल्मों में नजर आए पॉपुलर हॉलीवुड स्टार अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर को हाल ही उत्तरी आयरलैंड की अल्स्टर यूनिवर्सिटी ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। 78 साल की उम्र में उन्हें यह सम्मान मिला और ठीक उसी शहर में दिया गया, जहां वह करीब 60 साल पहले गए थे। तब वह एक बॉडीबिल्डर थे और पब्लिक के सामने बोलने में भी हिचकिचाते थे। तब अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की अंग्रेजी भी अच्छी नहीं थी। अब जब दशकों बाद अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर फिर बेलफेस्ट नाम के उसी शहर में पहुंचे, जहां छह दशक पहले गए थे, तो पुरानी यादें ताजा हो गईं।

जब अर्नोल्ड को लगा वो मरने वाले हैं
Arnold Schwarzenegger ने उस घटना का जिक्र किया, जिसके कारण वह लोगों के बीच बोलने के अपने डर से बाहर निकल पाए। साथ ही बताया कि तब उन्हें लगा था कि जैसे वह मरने वाले हैं। अर्नोल्ड जब सम्मान लेने के लिए स्टेज पर गए, तो उन्होंने अपनी उस पहली जर्नी को याद किया, जब वह पर्सनल ही नहीं बल्कि प्रोफेशनल लाइफ में भी अपने कदम जमाने की कोशिश कर रहे थे।

साल 1966 की घटना, अंग्रेजी में बोलने में थी दिक्कत
'पीपल' मैगजीन के मुताबिक, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने साल 1966 में अपने साथ घटी एक घटना का जिक्र किया। तब उन्होंने एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता जीती थी, और उसके बाद अंग्रेजी में सबके सामने बोलना पड़ा था। उस वक्त को अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की बुरी हालत हो गई थी। उस घटना का जिक्र करते हुए अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर बोले, 'लोग अकसर कहते हैं कि आयरिश लहजे के साथ शुरुआत में आपको कितनी मुश्किल हुई होगी। तो मैंने कहा कि मुझे तो पता ही नहीं था कि कोई लहजा या एक्सेंट भी होता है क्योंकि मैं अंग्रेजी नहीं बोलता था। इसलिए मेरे मुंह से बस यही शब्द निकलते थे- आई नो स्पीक अंग्रेजी।'

मैं अंग्रेजी नहीं बोलता था। इसलिए मेरे मुंह से बस यही शब्द निकलते थे- आई नो स्पीक अंग्रेजी।
अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने सुनाया पूरा किस्सा, लोगों ने बढ़ाया था हौसला
बेशक, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर को उस दिन लोगों के सामने अंग्रेजी में बोलने में दिक्कत हो रही थी, पर एक्टर ने बताया कि लोगों उन्हें कितना अच्छा रिस्पॉन्स दिया था कि कम से कम उन्होंने बात करने की कोशिश तो की। वह बोले, 'सब लोग उछल पड़े और मुझे जोरदार तालियां बजाकर बधाई दी। फिर होस्ट ने कहा कि उन्हें बता दो कि तुम वापस आओगे। और मैंने कहा कि आई कम बैक। उस वक्त मैं 'आई विल बी बैक' नहीं बोल पाता था। वो 'टर्मिनेटर' में था तो मैंने कहा कि आई कम बैक। फिर सबने खड़े होकर मेरे लिए तालियां बजाईं। होस्ट ने भी तारीफ की और कहा कि अर्नोल्ड, यह शानदार था। पहली बार पब्लिकली बोलते हुए तुमने बहुत अच्छा काम किया और तुम्हारी अंग्रेजी भी बहुत अच्छी थी।'
अर्नोल्ड बोले- लोगों के सामने बोलते हुए लगा मर ही जाऊंगा
अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने उस घटना को अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया और कहा, 'जब मैं वहां से निकला तो लोगों के सामने बोलते समय मुझे लगा जैसे मैं मर ही जाऊंगा, लेकिन दर्शक बहुत ही हौसला बढ़ाने वाले थे।'

अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर, एक्टर
अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर का करियर, बॉडीबिल्डिंग और फिल्में
अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर एक प्रोफेशनल बॉडीबिल्डर रहे हैं। उन्होंने 15 साल की उम्र में वेट लिफ्टिंग शुरू की थी और 20 साल की उम्र में मिस्टर यूनिवर्स बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप जीती थी। उन्होंने 7 बार मिस्टर ओलंपिया का टाइटल जीता। यही नहीं, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने बॉडीबिल्डिंग पर कई किताबें भी लिखी हैं। फिर बॉडीबिल्डिंग से रिटायर होने के बाद अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने फिल्मी दुनिया में कदम रखे और एक्शन स्टार बनकर छा गए। उन्हें Conan the Barbarian, Conan the Destroyer और 'टर्मिनेटर' जैसी फिल्मों में खूब पसंद किया गया।

 

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